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डीएम आवास के बाहर किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 21 Apr 2015 12:18 AM IST
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कर्ज माफी, राहत राशि और मृतक आश्रितों को मुआवजे की मांग को लेकर चिंगारी संगठन ने सोमवार को डीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया। कहा कि सीएम की घोषणाओं पर अमल नहीं हो रहा है। शासन से जल्द से जल्द किसानों को राहत नहीं मिली तो 21 मई से सत्याग्रह छेड़ा जाएगा।
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अपने तय कार्यक्रम के तहत चिंगारी संगठन के लोग सोमवार को किसानों के साथ डीएम आवास के बाहर पहुंच गए। उन्होंने गेट पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर बाद डिप्टी कलेक्टर ने आकर ज्ञापन लिया। ग्रामीणाें ने संयुक्त हस्ताक्षरों से दिए ज्ञापन में कहा है कि फसलों के सदमे में किसानों की मौतें हो रही हैं।
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गांवों में मनरेगा के काम ठप पड़े हैं। मजदूर और बटाई खेतिहर मजदूर रोजी, रोटी की तलाश में गांव छोड़ रहे हैं। सरकार और शासन को इनकी चिंता नहीं है। ज्ञापन के साथ पिपरहरी गांव के 97 किसानों की सूची भी संलग्न की गई थी। यह सभी किसान क्रेडिट कार्ड के कर्जदार हैं। बैंकों ने बीमा प्रीमियम काट लिया पर क्लेम नहीं दिया। मांग की गई कि बीमा कंपनियों से उनका पैसा दिलाया जाए।
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बताया गया कि नरैनी क्षेत्र के नौगवां, नीबी, बिरौना, भोड़ा पुरवा, बिज्जू पुरवा, घसराउट, चौकिन पुरवा, लोधन पुरवा आदि गांव के 270 भूमिहीन परिवारों ने बटाई पर खेत लिए थे। अब यह भुखमरी की कगार पर हैं। इन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं मिली।
बसराही, पिपराहरी, कछियन पुरवा, चौकिन पुरवा, बिज्जू पुरवा, झंडू पुरवा आदि गांवों में 3600 लोग पलायन कर गए हैं। ठेकेदार इन मजदूरों को कुछ एडवांस देकर ले गए हैं। इनसे अब ईंट भट्ठा या कंपनियों में बंधुवा मजदूरी कराई जाएगी। मांग की गई कि पलायन करने वाले मजदूरों की ट्रैकिंग कराई जाए और उन्हें मनरेगा से काम देकर पलायन रोका जाए।
अगर 20 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 21 मई से नरैनी क्षेत्र के गांवों में किसान सत्याग्रह शुरू करेंगे। डीएम आवास पर प्रदर्शन के दौरान विद्याधाम समिति के राजाभइया समेत कई गांवों से आए महिला-पुरुष थे।