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Banda News: दरिंदगी देखकर डॉक्टर भी हो गए थे विचलित

Wed, 07 Jan 2026 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 07 Jan 2026 01:01 AM IST
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Even the doctors were disturbed after seeing the brutality.
फोटो - 14 - दोषी अमित के घर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।
बांदा। कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना ने मेडिकल करने वाले डॉक्टरों को भी झकझोर दिया था। उस समय पर जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉ. प्रिया सिंह, बच्ची के मेडिकल करने वाले पैनल में शामिल थीं। उनके बयान ने न्यायालय में दोषी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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डॉ. प्रिया ने कोर्ट को बताया था कि बच्ची के शरीर में 18 चोटें मिली थीं। उसके नाजुक अंग पर गंभीर चोटें थीं। डॉ. कुमार ने गवाही दी थी कि बच्ची का बायां हाथ टूटा था। कुल मिलाकर बालिका के साथ हैवानियत की हदें पार की गईं थीं। अंत में कानपुर मेडिकल कॉलेज की डॉ. श्रद्धा वर्मा ने अपनी देखरेख में बालिका की तीन सर्जरी की थीं। बालिका का अब भी कानपुर हैलट में इलाज चल रहा है। वह अपने परिजनों के साथ समय-समय पर हैलट आती जाती है।
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अन्य गवाहों में गांव के स्कूल के अध्यापक की गवाही उसकी उम्र को लेकर कराई गई थी। इनके अलावा पीड़िता के पिता, खुद पीड़िता और पीड़िता की मां की गवाही भी महत्वपूर्ण रही।
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सजा दिलाने में अहम रहे वैज्ञानिक साक्ष्य
बांदा। कालिंजर के एक गांव निवासी दरिंदे को सजा दिलाने में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी अहम भूमिका रही। पुलिस ने पीड़िता के खून से सने कपड़े व दोषी का डीएनए का सैंपल मैच कराया था। दोनों का सैंपल मिलने पर सजा दिलाने में वैज्ञानिक साक्ष्य की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। (संवाद)

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दोषी के घर सन्नाटा, मजदूरी करता है परिवार

कालिंजर। थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष सत्र पॉक्सो अदालत ने आरोपी अमित रैकवार को मौत की सजा सुनाई है। यह घटना 5 जुलाई 2025 को दोपहर 3:30 बजे गांव में हुई थी।
अमित रैकवार चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसके पिता के नाम दो बीघा जमीन है और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी मजदूरी करके ही जीवन यापन करते हैं। इस सजा के बाद दोषी के घर में मातम का माहौल है और परिवार सदमे में है। सजा के बाद घर व बाहर सन्नाटा पसरा रहा। (संवाद)
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