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Banda News: बिना नीलामी बेचे जा रहे शीशम के सूखे पेड़
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बांदा। प्रमुख मार्गों के किनारे लगे शीशम और काकुन के तमाम पेड़ सूख गए हैं। वन विभाग इन सूखे पेड़ों की नीलामी नहीं करा रहा है। वन रक्षक ठेकेदारों के साथ मिलकर लाखों रुपये की लकड़ी बिना नीलामी हड़प रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रवर्तन टीम भेजी गई।
जिले के प्रमुख मार्गों के किनारे वन विभाग ने हरित पट्टी विकसित की है। हाईवे के किनारे लगे पेड़ आंधी में गिर जाते हैं। इसके अलावा तमाम पेड़ सूख जाते हैं। पुराने और बड़े शीशम व काकुन के पेड़ों की लकड़ी महंगी होती है। नियमानुसार इनकी नीलामी होनी चाहिए, लेकिन वन रक्षक उच्चाधिकारियों को बिना जानकारी दिए चोरी छिपे लकड़ी ठेकेदारों से मिलकर बेच देते हैं।
ऐसा ही एक मामला नरैनी-बांदा मार्ग पर पुंगरी गांव का सामने आया। पुंगरी गांव के राजाराम पटेल, संतोष सिंह ने बताया कि गांव के निकट हाईवे किनारे शीशम के कई पेड़ सूखे हैं। इन्हें वन रक्षक प्राइवेट लोगों के जरिए कटवाकर ट्रैक्टर-ट्राॅली में भर ले जा रहे हैं। कई बड़े और पुराने पेड़ हैं, जिनकी लकड़ी लाखों रुपये की है। नीलामी के बजाय इन्हें चोरी-चोरी बेचा जा रहा है।
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ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की तो बताया कि लकड़ी बेची नहीं जा रही है, बल्कि वन चौकी में सुरक्षित रखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वन चौकी में लकड़ी है ही नहीं। डिप्टी रेंजर विवेक वर्मा ने भी बताया कि कुछ पेड़ सूखे थे, जिनसे राहगीरों को खतरा था। उन्हें कटवाकर वन चौकी में रखवाया गया है।
नरैनी में पुंगरी गांव के पास सरकारी सूखे पेड़ों के काटने की शिकायत मिली थी। मौके पर प्रवर्तन टीम भेजी गई है। लकड़ी को वन विभाग की सुपुर्दगी में रखा गया है। इसे वन निगम को सौंपा जाएगा और फिर नीलामी होगी। -अरविंद कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, बांदा
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जिले के प्रमुख मार्गों के किनारे वन विभाग ने हरित पट्टी विकसित की है। हाईवे के किनारे लगे पेड़ आंधी में गिर जाते हैं। इसके अलावा तमाम पेड़ सूख जाते हैं। पुराने और बड़े शीशम व काकुन के पेड़ों की लकड़ी महंगी होती है। नियमानुसार इनकी नीलामी होनी चाहिए, लेकिन वन रक्षक उच्चाधिकारियों को बिना जानकारी दिए चोरी छिपे लकड़ी ठेकेदारों से मिलकर बेच देते हैं।
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ऐसा ही एक मामला नरैनी-बांदा मार्ग पर पुंगरी गांव का सामने आया। पुंगरी गांव के राजाराम पटेल, संतोष सिंह ने बताया कि गांव के निकट हाईवे किनारे शीशम के कई पेड़ सूखे हैं। इन्हें वन रक्षक प्राइवेट लोगों के जरिए कटवाकर ट्रैक्टर-ट्राॅली में भर ले जा रहे हैं। कई बड़े और पुराने पेड़ हैं, जिनकी लकड़ी लाखों रुपये की है। नीलामी के बजाय इन्हें चोरी-चोरी बेचा जा रहा है।
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ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की तो बताया कि लकड़ी बेची नहीं जा रही है, बल्कि वन चौकी में सुरक्षित रखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वन चौकी में लकड़ी है ही नहीं। डिप्टी रेंजर विवेक वर्मा ने भी बताया कि कुछ पेड़ सूखे थे, जिनसे राहगीरों को खतरा था। उन्हें कटवाकर वन चौकी में रखवाया गया है।
नरैनी में पुंगरी गांव के पास सरकारी सूखे पेड़ों के काटने की शिकायत मिली थी। मौके पर प्रवर्तन टीम भेजी गई है। लकड़ी को वन विभाग की सुपुर्दगी में रखा गया है। इसे वन निगम को सौंपा जाएगा और फिर नीलामी होगी। -अरविंद कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, बांदा