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ड्राइवरों और गार्डों को बायोमीट्रिक हाजिरी से छूट
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बांदा। लॉकडाउन में मालगाड़ियों के ड्राइवरों और गार्डों की बायोमीट्रिक उपस्थिति नहीं ली जाएगी। उन्हें ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट (नशे का परीक्षण) से भी छूट दी गई है। नशा न करने की वे खुद घोषणा करेंगे। स्टेशन अधीक्षक एसके कुशवाहा ने बताया कि लॉकडाउन में सिर्फ सात मालगाड़ियां रोजाना चल रही हैं। यहां 250 ट्रेन ड्राइवर और 65 गार्ड उपलब्ध हैं। जरूरत के मुताबिक ड्यूटी लगाई जा रही है। चालकों और गार्डों को सामाजिक दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
बैंक से पैसे निकालने को उमड़ी भीड़
बांदा। श्रमिकों को सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता की रकम निकालने के लिए सोमवार को बैंकों में बड़ी संख्या में मजदूरों का जमघट लग गया। कई स्थानों पर इनके बीच पर्याप्त दूरी के मानक का भी पालन नहीं हुआ। अधिकांश मजदूरों को मायूस लौटना पड़ा। उनके खातों में पैसा नहीं आया।
जिनके खाते में पैसा आया, उन्हें बैंक में बारी-बारी से प्रवेश देकर भुगतान किया गया। उधर, मर्दननाका, खुटला, छोटी बाजार में राशन की दुकानों में अनाज बंटने की अफवाह उड़ते ही दर्जनों महिला-पुरुष हाथ में राशन कार्ड व झोला लिए दुकानों की ओर चल दिए। पुलिस के लाख समझाने के बाद भी नहीं माने। जब राशन की दुकाने बंद मिलीं तो घर लौट आए।
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महानगरों से लौटे लोगों के लिए शिक्षक तैनात
बांदा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के 40 सहायक अध्यापकों को प्रशिक्षण के बाद हरेक ब्लाक में 4-4 शिक्षक और एक पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि 21 मार्च से शहर और गांवों में महानगरों से लौटने वाले लोगों के नाम-पते नोट करें। फोन पर उनसे संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लें। यह काम 14 दिन तक करें।
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बैंक से पैसे निकालने को उमड़ी भीड़
बांदा। श्रमिकों को सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता की रकम निकालने के लिए सोमवार को बैंकों में बड़ी संख्या में मजदूरों का जमघट लग गया। कई स्थानों पर इनके बीच पर्याप्त दूरी के मानक का भी पालन नहीं हुआ। अधिकांश मजदूरों को मायूस लौटना पड़ा। उनके खातों में पैसा नहीं आया।
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जिनके खाते में पैसा आया, उन्हें बैंक में बारी-बारी से प्रवेश देकर भुगतान किया गया। उधर, मर्दननाका, खुटला, छोटी बाजार में राशन की दुकानों में अनाज बंटने की अफवाह उड़ते ही दर्जनों महिला-पुरुष हाथ में राशन कार्ड व झोला लिए दुकानों की ओर चल दिए। पुलिस के लाख समझाने के बाद भी नहीं माने। जब राशन की दुकाने बंद मिलीं तो घर लौट आए।
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महानगरों से लौटे लोगों के लिए शिक्षक तैनात
बांदा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के 40 सहायक अध्यापकों को प्रशिक्षण के बाद हरेक ब्लाक में 4-4 शिक्षक और एक पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि 21 मार्च से शहर और गांवों में महानगरों से लौटने वाले लोगों के नाम-पते नोट करें। फोन पर उनसे संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लें। यह काम 14 दिन तक करें।