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मरीजों के खाने में दोहरा पैमाना, हेल्थ वर्कर को 6 गुना महंगा खाना
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सोमवार को दोपहर मरीजों को दिया गया खाना।
- फोटो : BANDA
बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संक्रमितों के खाने और नाश्ते का स्तर तभी सुधर सकता है, जब इसके लिए निर्धारित डाइट चार्ज में इजाफा किया जाए। साल 2017 में हुए ठेके में तय दर के आधार पर ही कोरोना मरीज को नाश्ते-खाने का बंदोबस्त किया जाता है। कोरोना संक्रमितों की प्रतिरक्षण क्षमता मजबूत रखने के लिए प्रति मरीज डाइट चार्ज न बढ़ाने से संक्रमितों को भी सामान्य मरीज जैसा नाश्ता खाना मिल रहा है।
साल 2017 में तय हुई दरों की बात करें तो प्रति दिन एक रोगी को सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक पर खर्च के लिए 47.86 रुपये निर्धारित हैं। बढ़ती महंगाई और कोरोना ग्रस्त लोगों को ज्यादा पोषक खुराक देने की नीयत इस राशि में बदलाव नहीं किया गया है।
यही वजह है कि इस वक्त मेडिकल कॉलेज में भर्ती चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के लगभग दो सौ संक्रमितों को सामान्य मरीजों जैसा ही नाश्ता और खाना दिया जा रहा है। जानकार मानते हैं कि नाश्ते और खाने के तय मेन्यूू से निर्धारित राशि का तालमेल न होने के कारण खानपान सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करना पड़ता है।
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कोरोना संक्रमितों की डाइट के लिए यह राशि कम है, इसका अंदाजा हाल ही में जारी हुए कोरोनाग्रस्त डॉक्टर व हेल्थ वर्करों के डाइट खर्च के चार्ट से लगाया जा सकता है। कोरोना की चपेट में आने वाले डॉक्टर या स्वाथ्य कर्मी के लिए प्रतिदिन नाश्ते से रात के खाने तक के लिए प्रति व्यक्ति न्यूनतम 290 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। जानकार बताते हैं कि इसकी अधिकतम सीमा 500 रुपये प्रति व्यक्ति तक की जा सकती है।
खाने के अलावा कोरोना मरीजों को गर्म पानी का इस्तेमाल भी जरूरी है, लेकिन यह जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही। मजबूरी में कई मरीजों के घर वाले जुगाड़ का रास्ता पकड़कर अपनों को खाना पहुंचा रहे हैं। कुछ मरीजों का आरोप है कि रसूख वाले मरीजों को अच्छा खाना-नाश्ता मिलता है। साधारण को कामचलाऊ। इस आशय के सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुए हैं। हालांकि मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने ऐसी बातों को गलत बताया है।
ठेका लेने की होड़ में दे दी थीं कम दरें
बांदा। साल 2017 में खाने का ठेका लेने के चक्कर में ठेकेदार ने काफी न्यूनतम दरें दे दीं। हालांकि इन दरों पर निर्धारित मेन्यू का खाना और नाश्ता नामुमकिन है। कमीशन के खेल से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसे में गुणवत्ता से समझौता होना स्वाभाविक है।
21 अगस्त 2017 को खाने का टेंडर स्वीकृत हुआ था। चार फर्मों के टेंडर दर्शाए गए। इनमें मैसर्स एसआर कांट्रेक्टर्स ने 90 रुपये, मेसर्स लक्ष्मी देवी (जन कल्याण समिति) ने 85 रुपये, मेसर्स जितेंद्र कुमार ने 87 रुपये 86 पैसे और सबसे न्यूनतम दर 47 रुपये 86 पैसे मेसर्स यूनिट फेसलिटी ने दी थी। कमेटी ने न्यूनतम दर 47.86 को स्वीकृत दे दी थी। यही फर्म तब से खाना-नाश्ता आपूर्ति कर रही है।
टेंडर में स्वीकृत नाश्ता, भोजन की दरें व सामग्री
1. नाश्ता : चाय 100 मिलीलीटर, ब्रेड मक्खन सहित 4 पीस, पारले-जी बिस्किट 6 पीस
2. दोपहर का भोजन (1 बजे) : रोटी-5, दाल एक कटोरी, चावल एक कटोरी, मौसमी हरी सब्जी एक कटोरी।
3. रात का भोजन (रात 8 बजे) : रोटी-5, दाल एक कटोरी, चावल एक कटोरी, मौसमी हरी सब्जी एक कटोरी, दूध 200 मिलीलीटर।
नाश्ते के लिए मात्र 8 रुपये स्वीकृत हैं। दोपहर के भोजन को 17.86 रुपये और रात के भोजन को 22 रुपये स्वीकृत हैं।
मरीज बढ़ जाने से गुणवत्ता प्रभावित
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्या का कहना है कि दो दिन से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाने से खाने की गुणवत्ता पर फर्क पड़ा है। अब नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जल्द ही नया ठेका होगा। इसमें भोजन मानक के मुताबिक मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली की फर्म आपूर्ति कर रही है।
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साल 2017 में तय हुई दरों की बात करें तो प्रति दिन एक रोगी को सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक पर खर्च के लिए 47.86 रुपये निर्धारित हैं। बढ़ती महंगाई और कोरोना ग्रस्त लोगों को ज्यादा पोषक खुराक देने की नीयत इस राशि में बदलाव नहीं किया गया है।
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यही वजह है कि इस वक्त मेडिकल कॉलेज में भर्ती चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के लगभग दो सौ संक्रमितों को सामान्य मरीजों जैसा ही नाश्ता और खाना दिया जा रहा है। जानकार मानते हैं कि नाश्ते और खाने के तय मेन्यूू से निर्धारित राशि का तालमेल न होने के कारण खानपान सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करना पड़ता है।
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कोरोना संक्रमितों की डाइट के लिए यह राशि कम है, इसका अंदाजा हाल ही में जारी हुए कोरोनाग्रस्त डॉक्टर व हेल्थ वर्करों के डाइट खर्च के चार्ट से लगाया जा सकता है। कोरोना की चपेट में आने वाले डॉक्टर या स्वाथ्य कर्मी के लिए प्रतिदिन नाश्ते से रात के खाने तक के लिए प्रति व्यक्ति न्यूनतम 290 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। जानकार बताते हैं कि इसकी अधिकतम सीमा 500 रुपये प्रति व्यक्ति तक की जा सकती है।
खाने के अलावा कोरोना मरीजों को गर्म पानी का इस्तेमाल भी जरूरी है, लेकिन यह जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही। मजबूरी में कई मरीजों के घर वाले जुगाड़ का रास्ता पकड़कर अपनों को खाना पहुंचा रहे हैं। कुछ मरीजों का आरोप है कि रसूख वाले मरीजों को अच्छा खाना-नाश्ता मिलता है। साधारण को कामचलाऊ। इस आशय के सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुए हैं। हालांकि मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने ऐसी बातों को गलत बताया है।
ठेका लेने की होड़ में दे दी थीं कम दरें
बांदा। साल 2017 में खाने का ठेका लेने के चक्कर में ठेकेदार ने काफी न्यूनतम दरें दे दीं। हालांकि इन दरों पर निर्धारित मेन्यू का खाना और नाश्ता नामुमकिन है। कमीशन के खेल से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसे में गुणवत्ता से समझौता होना स्वाभाविक है।
21 अगस्त 2017 को खाने का टेंडर स्वीकृत हुआ था। चार फर्मों के टेंडर दर्शाए गए। इनमें मैसर्स एसआर कांट्रेक्टर्स ने 90 रुपये, मेसर्स लक्ष्मी देवी (जन कल्याण समिति) ने 85 रुपये, मेसर्स जितेंद्र कुमार ने 87 रुपये 86 पैसे और सबसे न्यूनतम दर 47 रुपये 86 पैसे मेसर्स यूनिट फेसलिटी ने दी थी। कमेटी ने न्यूनतम दर 47.86 को स्वीकृत दे दी थी। यही फर्म तब से खाना-नाश्ता आपूर्ति कर रही है।
टेंडर में स्वीकृत नाश्ता, भोजन की दरें व सामग्री
1. नाश्ता : चाय 100 मिलीलीटर, ब्रेड मक्खन सहित 4 पीस, पारले-जी बिस्किट 6 पीस
2. दोपहर का भोजन (1 बजे) : रोटी-5, दाल एक कटोरी, चावल एक कटोरी, मौसमी हरी सब्जी एक कटोरी।
3. रात का भोजन (रात 8 बजे) : रोटी-5, दाल एक कटोरी, चावल एक कटोरी, मौसमी हरी सब्जी एक कटोरी, दूध 200 मिलीलीटर।
नाश्ते के लिए मात्र 8 रुपये स्वीकृत हैं। दोपहर के भोजन को 17.86 रुपये और रात के भोजन को 22 रुपये स्वीकृत हैं।
मरीज बढ़ जाने से गुणवत्ता प्रभावित
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्या का कहना है कि दो दिन से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाने से खाने की गुणवत्ता पर फर्क पड़ा है। अब नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जल्द ही नया ठेका होगा। इसमें भोजन मानक के मुताबिक मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली की फर्म आपूर्ति कर रही है।

डा.सुनील कुमार आर्या।- फोटो : BANDA