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Banda News: आयुष्मान कार्ड से डेंगू, चिकेनगुनिया और डायरिया का भी इलाज

Sun, 08 Oct 2023 11:59 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:59 PM IST
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Dengue, chikungunya and diarrhea can also be treated with Ayushman card.
बांदा। डेंगू, चिकेनगुनिया और डायरिया जैसी बीमारियों का इलाज भी आयुष्मान कार्ड से कराया जा सकता है। इन बीमारियों का सरकारी ही नहीं, प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे। अभी तक जानकारी न होने से लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने से कतराते थे। आयुष्मान कार्ड से किन-किन बीमारियों का इलाज कराया जा सकता है, इसके लिए विभाग आयुष्मान कार्ड धारकों को जागरूक करेगा।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू, चिकेनगुनिया, डायरिया समेत 1672 प्रकार की बीमारियों का इलाज आयुष्मान कार्डधारक करा सकते हैं। सरकार की ओर से जारी आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के तहत चिह्नित सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा है। मरीज जिले के 10 सरकारी और तीन प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज करा सकते हैं।
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चार लाख से ज्यादा बन चुके हैं आयुष्मान कार्ड
जिले में अब तक चार लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले का लक्ष्य सात लाख कार्ड बनाने का है। जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम तेजी से जारी है। पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक जिनके राशन कार्ड में परिवार के छह सदस्यों नाम शामिल हों और शासन से जारी सूची में नाम हो वह सेंटर में जाकर अपना व अपने परिवार के सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है। इसके अलावा सीनियर सिटीजन योजना में परिवार के सदस्य ऐसे हो जो 60 की उम्र पूरी करते हो वह भी अपना नाम शासन से जारी सूची में अपना नाम देखकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
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इन बीमारियों का भी करा सकते हैं इलाज
-कैंसर, हृदय रोग संबंधी बीमारी, हार्निया, हाइड्रोशील, किडनी प्रत्यारोपण, पथरी, मलेरिया, डेंगू, चिकेनगुनिया, डेंगू, निमोनिया, डायरिया, हीट स्ट्रोक, कालाजार बुखार, अस्थमा, सांस फूलना, बर्न मरीज, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ट्यूमर, मानसिक रोग, आंतो से संबधित रोग, हड्डी रोग से सबंधित, नवजात शिशु से सबंधित कोई भी रोग, नेत्र रोग समेत 1672 विभिन्न मर्ज का इलाज आयुष्मान कार्ड धारक करा सकते हैं। इसमें शर्त यह है कि वह भर्ती मरीज हो।

इन अस्पतालों में हैं इलाज की सुविधा
सरकारी- जिला अस्पताल पुरुष, जिला महिला अस्पताल, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, अतर्रा, महुवा, नरैनी, बबेरू, बिसंडा, कमासिन, जसपुरा सीएचसी, और प्राइवेट अस्पतालों में कमला नर्सिंगहोम, विक्रम चाइल्ड केयर नर्सिंग होम और नवाब चैरिटी हास्पिटल शामिल हैं।

राशन की दुकानों में भी बन रहे आयुष्मान कार्ड
सरकारी अस्पतालों के अलावा राशन की दुकानों में भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। इनमें रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और कोटेदार सहयोग कर रहे हैं। राशन कार्ड में जिनमें परिवार के सदस्यों की संख्या ज्यादा है। उनको प्राथमिकता पर शामिल किया गया है। इसमें एक राशन कार्ड में छह सदस्यों का होना अनिवार्य है। इसी तरह सीनियर सिटीजन राशन कार्डधारकाें के लिए जिनकी उम्र 60 वर्ष पूरी हो गई है। उन्हें भी यह सुविधा दी जा रही है।


वर्जन
सरकारी अस्पतालों समेत राशन की दुकानों में भी यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। नियम शर्त पूरी करने वाले राशन कार्डधारक अपना आयुष्मान कार्ड बनवा कर 1672 प्रकार के मर्ज का पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। डेंगू, चिकेनगुनिया, डायरिया का इलाज भी कार्ड धारक मुफ्त में ले सकते हैं, लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। जागरूक किया जाएगा। -डॉ. मुकेश पहाड़ी, नोडल अधिकारी।
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