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जले दीप, रोशन जहान, घर-घर पूजन
Updated Wed, 11 Nov 2015 09:42 PM IST
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बांदा। प्रकाश पर्व दीपावली धूमधाम से मनाई गई। घरों में गणेश-लक्ष्मी की पूजा करके धन धान्य की कामना की गई। हर घर और द्वार दीपकों से जगमगा उठा। आधी रात आतिशी नजारे दिखाई दिए। बुंदेलखंड की खास विधा दीवारी नृत्य भी गांवों में खेला गया। सुबह से शुरू हुआ बधाइयों का दौर रात तक चलता रहा
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बुधवार की शाम मुहूर्त के कदम रखते ही घर-घर गणेश और लक्ष्मी की पूजा शुरू हो गई। दीप जलाकर द्वार और मुंडेरों पर रखे गए। बिजली की झालरों से इमारतें जगमगा उठीं। आधी रात तक चारों तरफ रंगबिरंगी और धमाकों वाली पटाखे गूंजते रहे। गांवों में भी पूरे हर्षोल्लास और परंपराओं के साथ दिवाली मनाई गई। देवालयों में दीपदान के साथ घरों और खेत, खलिहान में दीप जलाए गए।
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बबेरू, कमासिन, मरका, अतर्रा, नरैनी, बिसंडा, बदौसा, तिंदवारी, खप्टिहकलां, बेंदा, पिपरहरी, जसपुरा, पैलानी, चिल्ला, ओरन, गिरवां, बड़ोखर बुजुर्ग, सढ़ा, करतल, कालिंजर, मटौंध आदि क्षेत्रों में भी दिवाली की धूम रही। उधर, मोर पंख लिए मौनिए कामतानाथ के दर्शन को ट्रेनों और बसों से चित्रकूट रवाना हुए। बुंदेलखंड की खास विधा दीवारी नृत्य की भी गांव-गांव में धूम रही।
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