फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Damning board dropped goal to purchase paddy

मंडल में औंधे मुंह गिरा धान खरीद का लक्ष्य

Fri, 16 Jan 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 16 Jan 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
Damning board dropped goal to purchase paddy

धान खरीद की सुस्त रफ्तार से खरीद लक्ष्य कोसों पीछे

विज्ञापन
हो गया है। चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष धान की अच्छी उपज के बावजूद लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 20 फीसदी ही धान की खरीद हुई है।

इस वर्ष एक माह पहले ही 31 जनवरी को धान खरीद बंद हो जाएगी। बचे 15 दिनों में 50 फीसदी भी धान की खरीद मुमकिन नहीं लग रही। अभी तक बांदा व चित्रकूट में सिर्फ 3376 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।

चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष धान खरीद का शासन से 22 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन ने चेक के बजाए किसानों को नकद भुगतान का आदेश जारी किया था। समर्थन मूल्य भी 50 रुपये बढ़ाकर 1360 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।

खरीद केंद्रों के बाहर रेट, नमी के एवज में कटौती तथा शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी लिखाए गए। बावजूद इसके धान खरीद की स्थिति इस वर्ष बेहद खराब है। धान खरीद शुरू हुए दो माह बीत गए, पर अभी तक कई केंद्रों में तौल की बोहनी तक नहीं हुई जबकि पिछले वर्ष 14 जनवरी तक 15 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया था।

सरकारी क्रय केंद्रों पर कम धान खरीद की वजह केंद्र प्रभारियों की मनमानी है। नमी का मानक 17 फीसदी है। छनाई आदि पर प्रति क्विंटल 20 रुपये निर्धारित है, लेकिन प्रभारी सीधे 35 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जा रही है। नकद भुगतान के आदेश भी यहां बेमानी साबित हो रहे हैं।

बांदा व चित्रकूट दोनों जनपदों में किसानों की 89 लाख रुपये से ज्यादा किसानों का बकाया पड़ा है। बांदा में केंद्र प्रभारी पैसा न होने की बात कहकर किसानों को लौटा रहे हैं। इन सब फजीहत से बचने के लिए किसान केंद्रों के बजाए सीधे मिलरों को धान बेच रहे हैं।

वहां से उन्हें नकद भुगतान भी मिल रहा है। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उपज कम हुई इसलिए खरीद कम है। इस वर्ष धान की बेहतर पैदावार हुई है। बताते हैं कि सुविधाएं न मिलने और मनमाना कमीशन कटौती की वजह से किसान केंद्रों की ओर से मुंह फेर रहे हैं। धान खरीद के महज 16 दिन बचे हैं। ऐसे में करीब 19 हजार मीट्रिक टन धान खरीद संभव नहीं है।

धान खरीद का लक्ष्य पूरा होगा। मौसम की खराबी की वजह से खरीद सुस्त रही है। अब केंद्रों पर धान आ रहा है। किसानों का बकाया भुगतान भी शीघ्र किया जाएगा। सभी एजेंसियों को भुगतान के आदेश दिए गए हैं। 31 जनवरी के पहले उपज का पैसा किसानों को मिल जाएगा।
अशोक कुमार, क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक, चित्रकूटधाम मंडल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed