चेक बाउंस में एक वर्ष की कैद, चार लाख जुर्माना
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बांदा। बैंक चेक बाउंस हो जाने के मामले में अदालत ने चेक जारी करने वाले को एक वर्ष की कैद और चार लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। बाद में 20 हजार रुपये के निजी बांड दाखिल करने और दो दिनों जमानतेें दाखिल करने आदेश पर रिहा कर दिया गया। शहर के बंगालीपुरा निवासी शिव कुमार मिश्रा ने अपनी पत्नी दीपा मिश्रा के नाम से लड़ाका पुरवा स्थित बंगालीपुरा में एक प्लाट खरीदा। प्लाट के स्वामी रमेशचंद्र पुत्र जगन्नाथ निवासी बलखंडीनाका से 3 अप्रैल 2013 को साढ़े तीन लाख रुपये में बैनामा किया।
विक्रेता को विश्वास में लेते हुए 50 हजार रुपये नगद दिए और अपने खाते से डेढ़-डेढ़ लाख के दो चेक दिए। दोनों चेक सेंट्रल बैंक के थे। विक्रेेता रमेशचंद्र ने 28 मई 2013 और 14 जून 2013 को यह चेक बैंक में जमा किए। बैंक ने लिखित रूप से यह कहकर कि खातेदार के खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, चेक वापस कर दीं। रमेशचंद्र ने शिव कुमार मिश्रा को वकील के जरिए नोटिस भेजा। इसी के बाद मामला अदालत पहुंच गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट राम किशोर त्रिपाठी ने बुधवार को इस मामले का फैसला सुनाते हुए चेक जारी करने वाले शिव कुमार मिश्रा पुत्र राजेंद्र मिश्रा को धारा 130 एनआईए एक्ट के तहत एक वर्ष की कैद और चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही अदालत मेें अपील के लिए एक माह की मोहलत भी दी। आरोपी शिव कुमार मिश्रा बांदा में रेलवे में अधिकारी बताए गए।