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युवा और तेज तर्रार पुलिस जवान करेंगे डकैतों का खात्मा
amar ujala banda
Updated Wed, 10 May 2017 11:53 PM IST
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डकैत गोप्पा
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यूपी-एमपी के साढ़े सात लाख के इनामी दस्यु सरगना बबुली कोल और एक लाख के इनामी डकैत गोप्पा को आधुनिक हथियारों से लैस युवा और तेज तर्रार पुलिस जवान ढेर करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक के निर्देशन में जल्द मंडलीय एंटी डकैती टीम का गठन होगा।
ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम दे रहे राजू सिंह के ढेर होने से पुलिस ने राहत की सांस ली है। अलबत्ता बड़े और इनामी डकैत अभी भी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं। रोजाना बांदा और चित्रकूट के बीहड़ों में डकैतों की तलाश में पुलिस कांबिंग कर रही है लेकिन अभी तक बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी। बड़े तो दूर छुटभैय्ये डकैत भी हाथ नहीं लग रहे। जबकि दस्यु प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के मुताबिक डकैतों को ढेर करने के लिए गर्मी का मौसम अच्छा रहता है। जंगल की हरियाली गायब रहने से डकैत आसानी से नजर आ जाते हैं पर पुलिस अभी तक डकैतों के अड्डों तक नहीं पहुंच पा रही।
उधर, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक ज्ञानेश्वर तिवारी डकैतों के खात्मे के लिए मजबूत रणनीति बनाने में जुटे हैं। बताया कि लगातार बांदा व चित्रकूट पुलिस अधीक्षकों से संपर्क में हैं। दस्युओं के ठिकाने के लिए ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। मंडल स्तरीय एंटी डकैती टीम के गठन के सवाल पर डीआईजी का कहना था कि जल्द इस पर निर्णय लेंगे। चारों जिलों के चुनिंदा युवा और तेजतर्रार पुलिस जवानों की टीम बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे।
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ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम दे रहे राजू सिंह के ढेर होने से पुलिस ने राहत की सांस ली है। अलबत्ता बड़े और इनामी डकैत अभी भी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं। रोजाना बांदा और चित्रकूट के बीहड़ों में डकैतों की तलाश में पुलिस कांबिंग कर रही है लेकिन अभी तक बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी। बड़े तो दूर छुटभैय्ये डकैत भी हाथ नहीं लग रहे। जबकि दस्यु प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के मुताबिक डकैतों को ढेर करने के लिए गर्मी का मौसम अच्छा रहता है। जंगल की हरियाली गायब रहने से डकैत आसानी से नजर आ जाते हैं पर पुलिस अभी तक डकैतों के अड्डों तक नहीं पहुंच पा रही।
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उधर, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक ज्ञानेश्वर तिवारी डकैतों के खात्मे के लिए मजबूत रणनीति बनाने में जुटे हैं। बताया कि लगातार बांदा व चित्रकूट पुलिस अधीक्षकों से संपर्क में हैं। दस्युओं के ठिकाने के लिए ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। मंडल स्तरीय एंटी डकैती टीम के गठन के सवाल पर डीआईजी का कहना था कि जल्द इस पर निर्णय लेंगे। चारों जिलों के चुनिंदा युवा और तेजतर्रार पुलिस जवानों की टीम बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे।
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