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भरण-पोषण न देने पर पति को तीन माह की जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:27 PM IST
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लाोक अदालत
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बांदा। पत्नी को भरण-पोषण देने के अदालती आदेश की अवहेलना करने पर कुटुंब न्यायालय ने पति को तीन माह की कैद की सजा दी है। साथ ही वारंट बनाकर उसे जेल भेज दिया गया। बबेरू थाना क्षेत्र के कोर्रम गांव के रामसेवक यादव और उसकी पत्नी जनकलली (ओरन) के बीच विवाद चल रहा था।
जनकलली मायके चली गई और पति के विरुद्ध धारा 125(3) सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का मुकदमा दाखिल कर दिया। अदालत ने पति रामसेवक को आदेश दिए कि 23 मई 2013 से 13 फरवरी 2016 तक का पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर से एक लाख 55 हजार रुपये जनक लली को अदा करे।
अदालत ने पति को अदायगी के लिए नोटिस भी जारी की, लेकिन रामसेवक ने पैसा जमा नहीं किया। अदालत ने उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। थाना पुलिस ने वारंट की तामील नहीं की। अदालत ने 12 मई 2016 को एसपी बांदा को पत्र भेजकर आरोपी पति को गिरफ्तार करके अदालत में पेश करने के आदेश दिए। पुलिस ने सोमवार (13 जून) को रामसेवक को अदालत में पेश किया। प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय ने उसे तीन माह कैद की सजा सुनाई। आदेश में कहा गया है कि इस अवधि में आरोपी पति पैसे की अदायगी कर देता है तो उसे रिहा कर दिया जाएगा।
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जनकलली मायके चली गई और पति के विरुद्ध धारा 125(3) सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का मुकदमा दाखिल कर दिया। अदालत ने पति रामसेवक को आदेश दिए कि 23 मई 2013 से 13 फरवरी 2016 तक का पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर से एक लाख 55 हजार रुपये जनक लली को अदा करे।
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अदालत ने पति को अदायगी के लिए नोटिस भी जारी की, लेकिन रामसेवक ने पैसा जमा नहीं किया। अदालत ने उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। थाना पुलिस ने वारंट की तामील नहीं की। अदालत ने 12 मई 2016 को एसपी बांदा को पत्र भेजकर आरोपी पति को गिरफ्तार करके अदालत में पेश करने के आदेश दिए। पुलिस ने सोमवार (13 जून) को रामसेवक को अदालत में पेश किया। प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय ने उसे तीन माह कैद की सजा सुनाई। आदेश में कहा गया है कि इस अवधि में आरोपी पति पैसे की अदायगी कर देता है तो उसे रिहा कर दिया जाएगा।
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