15 लाख की फिरौती ले एएनएम को छोड़ा
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करतल (बांदा)। बदमाशों ने दस दिन पहले नरैनी थाना क्षेत्र से अपहृत न्यू पीएचसी की एएनएम रानी देवी को 15 लाख रुपये की फिरौती वसूलकर झांसी के मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। एएनएम का बेटा फिरौती दिए जाने की बात खुलेआम कह रहा है। इसके बाद भी पुलिस इसे अपने दबाव का नतीजा बता रही है। पुलिस और परिजन एएनएम को लेकर यहां आ गए हैं। नरैनी थाने की करतल पुलिस चौकी में मामले की लिखापढ़ी की जा रही है।अज्ञात बोलेरो सवार बदमाश 20 सितंबर को बछैड़ा गांव में प्रसव कराने की बात कहकर एएनएम रानी देवी और उसके पति महेश को बोलरो पर बैठाकर ले गए थे।
रास्ते में पति को हाथ-पैर बांधकर फेंक दिया और एएनएम को लेकर चले गए थे। उन्होंने 50 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। स्वास्थ्य कर्मी का अपहरण पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। कर्मचारी संगठन आंदोलन कर रहे थे। इसके बाद भी पुलिस अपहरणकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई। अलबत्ता रानी देवी के मोबाइल फोन से उसकी लोकेशन झांसी में मिल रही थी। इसी से पुलिस वहीं डेरा डाले थी। सूत्रों के मुताबिक टेलीफोन पर अपहृत एएनएम के परिजनों को फिरौती की रकम लेकर मऊरानीपुर बुलाया गया था। एएनएम का पुत्र गुरुधनेश ने बताया कि वह अपने मित्र के साथ शनिवार रात ट्रेन से झांसी पहुंचा।
गरौंठा मार्ग से करीब 8 किलोमीटर अंदर जंगल में अपहरणकर्ता मिले। इन्हें 15 लाख फिरौती दी। बदमाशों ने चार-पांच घंटे के अंदर मां को रिहा किए जाने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। चार घंटे बाद मां ने ही अपने मोबाइल से जानकारी दी कि वह मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर है। इस पर वह पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचा तो मां मिल गई। पुलिस के मुताबिक नरैनी कोतवाली प्रभारी मुन्नाबाबू निरंजन, झांसी क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, नरैनी के एसआई विनोद शुक्ला व करतल चौकी प्रभारी प्रमोद सिंह व सर्विलांस प्रभारी आनंद सिंह आदि ने एएनएम को बरामद किया। कोतवाली प्रभारी ने फिरौती लेनदेन की बात को गलत बताते हुए कहा कि पुलिस की घेराबंदी से डरे बदमाशों ने एएनएम को रिहा किया है।