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छह वर्ष की मासूम बालिका के साथ दरिदंगी पर आरोपी को उम्रकैद

Wed, 21 Jan 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 21 Jan 2015 11:36 PM IST
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Accused sentenced to life imprisonment

छह वर्ष की मासूम बालिका के साथ दुराचार और मारपीट कर गंभीर घायल कर देने के जुर्म में आरोपी को अदालत में उम्र कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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मामला पैलानी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां की एक महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोसी के घर में कई दिनों से उसका रिश्तेदार आया हुआ था। 15 सितंबर 2001 को दिन में करीब 10-11 बजे उसकी छह वर्षीय पुत्री को उसे रिश्तेदार ने बहला-फुसलाकर गुटखा मंगाने के बहाने जंगल की तरफ ले गया। वहां उसे गंभीर रूप से मारपीटकर घायल कर दिया।
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पुत्री के बेहोश हो जाने पर उसके साथ दुराचार किया। खून से लथपथ हाल में छोड़कर भाग गया। पुलिस ने धारा 363, 308, 376 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया और उसकी तलाश शुरू कर दी। आरोपी हमीरपुर जनपद के सिड़रा गांव का रहने वाला था। उसके गांव में भी पुलिस ने दबिश दी पर वह हाथ नहीं लगा।
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पुलिस ने विवेचना के बाद रामसेवक उर्फ बौरा उर्फ चंदेल केवट पुत्र रामेश्वर के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अदालत में अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा ने पीड़िता की मां समेत छह गवाह पेश किए।

बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ब्रजलाल चौरसिया ने अभियुक्त रामसेवक केवट को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। धारा 376 आईपीसी में सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये जर्माना किया। धारा 363 में 5 वर्ष की सश्रम कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी।


जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: 8 व 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। धारा 308 आईपीसी में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। जुर्माना की रकम दुराचार की शिकार बालिका को बतौर हर्जाना (प्रतिकर) दी जाएगी।

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