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बालकों के यौन उत्पीड़न आरोपी दंपति की रिमांड अवधि बढ़ी
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बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी सह आरोपी दुर्गावती की रिमांड अवधि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब यह 12 फरवरी तक की गई है।
उधर, सीबीआई ने अदालत के समक्ष कहा कि 14 फरवरी को विवेचना के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। इससे पहले ही वह चार्जशीट दाखिल करेगी।
मंगलवार को इस केस की सुनवाई कर रहे पंचम एडीजे/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोेहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष पति-पत्नी दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। सीबीआई के इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने न्यायाधीश से अनुरोध किया कि 14 फरवरी से पहले रिमांड की तिथि दी जाए, क्याेंकि 14 को विवेचना के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। इसी अवधि में आरोपपत्र दाखिल करना है।
न्यायाधीश ने 12 फरवरी निर्धारित कर दी। उधर, अधिवक्ता भूरा निषाद ने आरोपी दुर्गावती जमानत अर्जी पेश की। इस पर बहस होनी थी, लेकिन अधिवक्ता निषाद ने जमानत अर्जी पर नाट प्रेस (बलहीन) लिखकर बहस नहीं की। अधिवक्ता ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद वह अध्ययन करेंगे, उसके बाद जमानत अर्जी दाखिल करेंगे। अबकी सुनवाई के दौरान सीबीआई सीओ/विवेचक अमित कुमार अदालत में उपस्थित नहीं थे।
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उधर, सीबीआई ने अदालत के समक्ष कहा कि 14 फरवरी को विवेचना के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। इससे पहले ही वह चार्जशीट दाखिल करेगी।
मंगलवार को इस केस की सुनवाई कर रहे पंचम एडीजे/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोेहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष पति-पत्नी दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। सीबीआई के इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने न्यायाधीश से अनुरोध किया कि 14 फरवरी से पहले रिमांड की तिथि दी जाए, क्याेंकि 14 को विवेचना के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। इसी अवधि में आरोपपत्र दाखिल करना है।
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न्यायाधीश ने 12 फरवरी निर्धारित कर दी। उधर, अधिवक्ता भूरा निषाद ने आरोपी दुर्गावती जमानत अर्जी पेश की। इस पर बहस होनी थी, लेकिन अधिवक्ता निषाद ने जमानत अर्जी पर नाट प्रेस (बलहीन) लिखकर बहस नहीं की। अधिवक्ता ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद वह अध्ययन करेंगे, उसके बाद जमानत अर्जी दाखिल करेंगे। अबकी सुनवाई के दौरान सीबीआई सीओ/विवेचक अमित कुमार अदालत में उपस्थित नहीं थे।
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