फर्जी राशन कार्डों पर आयुक्त के तेवर सख्त
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बांदा। ग्राम प्रधानों की वर्कशाप में फर्जी राशन कार्डों की शिकायतों की झड़ी लग गई। प्रधानों की शिकायतों पर नाराज मंडलायुक्त ने खाद्य विभाग के उपायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। पात्रों को राशन कार्ड से वंचित करने की भी शिकायतें खूब हुईं। आयुक्त ने इस पर भी कड़ा रोष जताया और अभियान चलाकर पात्रों को योजनाओं में शामिल करने का सख्त निर्देश दिया।बुधवार को यहां जेएन डिग्री कालेज सभागार में प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला हुई। आयुक्त ने गांव के इन दोनों महत्वपूर्ण हस्तियों से कहा कि पूरी क्षमता निष्पक्षता और प्रतिबद्धता के साथ गांव की भलाई का काम करें और पुण्य कमाएं। पार्टीबंदी से ऊपर उठ कर पात्रों को हर योजना का ईमानदारी से लाभ दिलाएं। ऐसा करने वाले प्रधानों और सचिवों की प्रशासन पूरी मदद करेगा।
फर्जी राशन कार्डों को खारिज करने के आदेश दिए। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि वह टीम लीडर के रूप में काम करें। फर्जी राशन कार्डों पर आयुक्त के तेवर काफी तीखे रहे। डीएम योगेश कुमार ने कहा कि जो प्रधान और सचिव आधार कार्ड फीडिंग में तेजी लाकर बेहतर प्रदर्शन करेंगे उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। समाजसेवी उमाशंकर पांडेय ने अपने पैतृक गांव जखनी में कराए जा रहे कामों की चर्चा की। कार्यशाला में ब्लाक प्रमुख, जिला स्तरीय अधिकारी और सीडीओ इत्यादि भी शामिल रहे।