{"_id":"56f6ce344f1c1bb12af14ed9","slug":"commission-officials-were-absent-from-the-meeting-of-chairman","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयोग अध्यक्ष की बैठक से अफसर नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयोग अध्यक्ष की बैठक से अफसर नदारद
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
अयोध्यावासी वैश्य समुदाय से ज्ञापन लेकर बातचीत करते राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा की बैठक को कई अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक से नदारद रहे। अध्यक्ष ने कोई कार्रवाई न करते हुए सिर्फ नाराजगी जताई और 15 दिन बाद फिर आकर बैठक करने की घोषणा की। उधर, अयोध्यावासी वैश्य महासभा ने ज्ञापन देकर ओबीसी में शामिल किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
शनिवार को यहां आए आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसकी सूचना पहले से दी गई थी। लेकिन गिने-चुने अफसर ही पहुंचे। ज्यादातर अफसर नदारद रहे। समीक्षा बैठक में पिछड़े वर्गों की नियुक्तियों के संबंध में आरक्षण की स्थिति देखी।
विज्ञापन
समाज कल्याण सेक्टर के अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिया कि अन्य पिछड़े वर्गों को भी नियमानुसार आरक्षण प्रदान किया जाए। स्वीकृत और भरे गए पदों में ओबीसी की भागीदारी की समीक्षा की। सीडीओ आरके सिंह, पीडी रमेशचंद्र पांडेय, समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उधर, अखिल भारत वर्षीय अयोध्यावासी वैश्य महासभा पदाधिकारियों ने आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन देकर अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की। जिलाध्यक्ष रामकिशुन गुप्त (बासू) की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा कि सात साल पहले आयोग के सर्वेक्षण के बाद उन्हें पिछड़ों में शामिल करने की संस्तुति प्रदेश सरकार को भेजी गई थी।
अभी तक इसमें कोई निर्णय नहीं लिया गया। ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री रामचंद्र गुप्त (चंदी), संतोष गुप्त (अनशनकारी), राकेश गुप्ता, आशुतोष गुप्त, शरद गुप्त, राजकुमार गुप्त, मनीष गुप्ता, स्वप्निल गुप्त समेत स्वजातीय लोग शामिल रहे।