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सर्दी ने बढ़ा दिए सांस के रोगी
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cold increased respiratory patients
- फोटो : BANDA
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फोटो-21बीएनडीपी-1 : मेडिकल कालेज के औषधि काउंटर में दवा के लिए लगी मरीज/तीमारदारों की लाइन। संवाद
सर्दी ने बढ़ा दिए श्वांस के रोगी
मेडिकल कालेज की ओपीडी में 600 पार कर गई संख्या
क्रासर
जिला अस्पताल में भी मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। शीतलहर के साथ बढ़ी गलन और ठंड ने लगभग 30 मरीजों की वृद्धि कर दी है। श्वांस, ब्लड प्रेशर और सीने में दर्द के मरीज बढ़ा दिए हैं। सबसे ज्यादा इन तकलीफों से बुजुर्ग जूझ रहे हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में रोजाना 100 से ज्यादा सांस के मरीज ओपीडी (वाह्य रोगी विभाग) में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति जिला अस्पताल में है। यहां भी रोजाना लगभग डेढ़ सैकड़ा सांस रोगी इलाज कराने आ रहे हैं।
मेडिकल कालेज में मंगलवार को लगभग 634 मरीजों में 50 फीसदी मरीज मेडिसिन विभाग में इलाज कराने आए। इनमें 107 मरीजों को सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। इसी तरह 40 मरीज ब्लड प्रेशर और 22 चेस्ट पेन (सीने में दर्द) होने पर मेडिकल कालेज दिखाने पहुंचे। इनमें बुजुगों की संख्या अधिक रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी लगभग 950 मरीज पहुंचे। इसमें सांस के लगभग 150, ब्लड प्रेशर के 80 और चेस्ट पेन के 39 मरीज थे। हालत गंभीर होने पर 22 मरीजों को भर्ती कर लिया गया।
इनसेट
फोटो संख्या 24 : डॉ. शैलेंद्र यादव। संवाद
सांस नली और धमनियां सिकुड़ जाती हैं
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.शैलेंद्र कुमार यादव ने बताया कि ठंड में सांस नली और रक्त नलिकाएं सिकुड़कर पतली हो जाती हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है। धमनियां सिकुडने से रक्त संचार कमजोर होने पर सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की शिकायत बढ़ जाती है।
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सर्दी ने बढ़ा दिए श्वांस के रोगी
मेडिकल कालेज की ओपीडी में 600 पार कर गई संख्या
क्रासर
जिला अस्पताल में भी मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। शीतलहर के साथ बढ़ी गलन और ठंड ने लगभग 30 मरीजों की वृद्धि कर दी है। श्वांस, ब्लड प्रेशर और सीने में दर्द के मरीज बढ़ा दिए हैं। सबसे ज्यादा इन तकलीफों से बुजुर्ग जूझ रहे हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में रोजाना 100 से ज्यादा सांस के मरीज ओपीडी (वाह्य रोगी विभाग) में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति जिला अस्पताल में है। यहां भी रोजाना लगभग डेढ़ सैकड़ा सांस रोगी इलाज कराने आ रहे हैं।
मेडिकल कालेज में मंगलवार को लगभग 634 मरीजों में 50 फीसदी मरीज मेडिसिन विभाग में इलाज कराने आए। इनमें 107 मरीजों को सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। इसी तरह 40 मरीज ब्लड प्रेशर और 22 चेस्ट पेन (सीने में दर्द) होने पर मेडिकल कालेज दिखाने पहुंचे। इनमें बुजुगों की संख्या अधिक रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी लगभग 950 मरीज पहुंचे। इसमें सांस के लगभग 150, ब्लड प्रेशर के 80 और चेस्ट पेन के 39 मरीज थे। हालत गंभीर होने पर 22 मरीजों को भर्ती कर लिया गया।
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फोटो संख्या 24 : डॉ. शैलेंद्र यादव। संवाद
सांस नली और धमनियां सिकुड़ जाती हैं
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.शैलेंद्र कुमार यादव ने बताया कि ठंड में सांस नली और रक्त नलिकाएं सिकुड़कर पतली हो जाती हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है। धमनियां सिकुडने से रक्त संचार कमजोर होने पर सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की शिकायत बढ़ जाती है।
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