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Banda News: चटरी व्यापारी को तीन साल की कैद
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बांदा। प्रतिबंधित चटरी (खेसारी) का व्यापार करने वाले व्यापारी को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
वर्ष 2010 में 9 मई को प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली कि हरदौली रोड पर वासदेव गुप्ता की अपनी दुकान में प्रतिबंधित चटरी रखकर बेचने का काम करता है। सूचना पर नायब तहसीलदार बबेरू गिरजाशंकर व उप जिला मजिस्ट्रेट कोमलचंद्र वर्मा ने व्यापारी की दुकान पर छापामारी की।
छापामार कार्रवाई के दौरान व्यापारी वासदेव के यहां से 62 बोरी प्रतिबंधित चटरी बरामद हुई। लाइसेंस और कागजात मांगने पर उपलब्ध नहीं हो सके। व्यापारी ने पूछताछ के दौरान खेसारी बेचने का अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने व्यापारी को गिरफ्तार करते हुए खेसारी अधिनियम के तहत चालान कर दिया। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
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इस दौरान मुकदमा अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने खेसारी अधिनियम व्यापारी वासदेव गुप्ता को सजा सुनाई।
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वर्ष 2010 में 9 मई को प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली कि हरदौली रोड पर वासदेव गुप्ता की अपनी दुकान में प्रतिबंधित चटरी रखकर बेचने का काम करता है। सूचना पर नायब तहसीलदार बबेरू गिरजाशंकर व उप जिला मजिस्ट्रेट कोमलचंद्र वर्मा ने व्यापारी की दुकान पर छापामारी की।
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छापामार कार्रवाई के दौरान व्यापारी वासदेव के यहां से 62 बोरी प्रतिबंधित चटरी बरामद हुई। लाइसेंस और कागजात मांगने पर उपलब्ध नहीं हो सके। व्यापारी ने पूछताछ के दौरान खेसारी बेचने का अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने व्यापारी को गिरफ्तार करते हुए खेसारी अधिनियम के तहत चालान कर दिया। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
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इस दौरान मुकदमा अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने खेसारी अधिनियम व्यापारी वासदेव गुप्ता को सजा सुनाई।