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क्वारंटीन ड्यूटी में जा रही महिला स्वास्थ्य कर्मी का चालान
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बांदा/नरैनी। मुख्यमंत्री और शासन द्वारा लॉकडाउन में दी गई रियायतों पर बांदा पुलिस की मनमानी भारी पड़ रही है। रोजाना सड़कों पर इसकी बानगी मिल रही है। ताजा उदाहरण शनिवार का है।
नरैनी सीएचसी अंतर्गत पुकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी (एएनएम) कांती मिश्रा की ड्यूटी महानगरों से लौटे मजदूरों को चिह्नित करने और उन्हें क्वारंटीन सेंटर भिजवाने में लगाई गई हैं।
शनिवार को सुबह वह पुत्र के साथ बाइक पर ड्यूटी पर जा रही थीं। बाइक चला रहा पुत्र हेलमेट लगाए था और बाइक के सारे कागजात दुरुस्त थे। इसके बाद भी शहर में अतर्रा चुंगी के पास महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें रोक लिया। एएनएम ने उन्हें अपना पास भी दिखाया। मांगने पर महिला इंस्पेक्टर को बाइक के सभी कागजात दिखाए। इसके बाद भी महिला इंस्पेक्टर ने स्वास्थ्य कर्मी का एक हजार रुपये का ई-चालान काट दिया। एएनएम ने नरैनी सीएचसी अधीक्षक से महिला इंस्पेक्टर की फोन पर बात करानी चाही तो इंस्पेक्टर ने इनकार कर दिया।
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इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में रोष है। एएनएम ने सीएमओ सहित उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पुलिस के इस रवैये के चलते कोरोना जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी कैसे की जा सकती है? सीएमओ से कहा है कि ड्यूटी पर जाने के लिए वह वाहनों की व्यवस्था कराएं, वरना वह ड्यूटी पर नहीं जा पाएंगी।
एक अन्य मामले में कटरा निवासी धीरज सैनी की बाइक का बलखंडी नाका चौराहे में पुलिस ने साढ़े 3 हजार रुपये का चालान कर दिया। वह अपने पिता राजकुमार का इलाज कराने गए थे। पर्चे और दवा आदि दिखाने के बाद भी पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वे इसका पता करेंगे। ड्यूटी पर जाने वाले सरकारी कर्मियों के साथ यह रवैया नहीं होना चाहिए। संबंधित महिला इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मियों को हिदायत दी जाएगी।
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नरैनी सीएचसी अंतर्गत पुकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी (एएनएम) कांती मिश्रा की ड्यूटी महानगरों से लौटे मजदूरों को चिह्नित करने और उन्हें क्वारंटीन सेंटर भिजवाने में लगाई गई हैं।
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शनिवार को सुबह वह पुत्र के साथ बाइक पर ड्यूटी पर जा रही थीं। बाइक चला रहा पुत्र हेलमेट लगाए था और बाइक के सारे कागजात दुरुस्त थे। इसके बाद भी शहर में अतर्रा चुंगी के पास महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें रोक लिया। एएनएम ने उन्हें अपना पास भी दिखाया। मांगने पर महिला इंस्पेक्टर को बाइक के सभी कागजात दिखाए। इसके बाद भी महिला इंस्पेक्टर ने स्वास्थ्य कर्मी का एक हजार रुपये का ई-चालान काट दिया। एएनएम ने नरैनी सीएचसी अधीक्षक से महिला इंस्पेक्टर की फोन पर बात करानी चाही तो इंस्पेक्टर ने इनकार कर दिया।
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इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में रोष है। एएनएम ने सीएमओ सहित उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पुलिस के इस रवैये के चलते कोरोना जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी कैसे की जा सकती है? सीएमओ से कहा है कि ड्यूटी पर जाने के लिए वह वाहनों की व्यवस्था कराएं, वरना वह ड्यूटी पर नहीं जा पाएंगी।
एक अन्य मामले में कटरा निवासी धीरज सैनी की बाइक का बलखंडी नाका चौराहे में पुलिस ने साढ़े 3 हजार रुपये का चालान कर दिया। वह अपने पिता राजकुमार का इलाज कराने गए थे। पर्चे और दवा आदि दिखाने के बाद भी पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वे इसका पता करेंगे। ड्यूटी पर जाने वाले सरकारी कर्मियों के साथ यह रवैया नहीं होना चाहिए। संबंधित महिला इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मियों को हिदायत दी जाएगी।