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बांदा: सीबीआई की अर्जी पर कोर्ट कल करेगी सुनवाई
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बांदा। पचास बच्चों के यौन उत्पीड़न के चर्चित केस में आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन को दिल्ली ले जाकर मेडिकल चेकअप कराने की अनुमति संबंधी सीबीआई की अर्जी पर सोमवार को भी फैसला नहीं हो सका। अदालत में अगली सुनवाई 6 जनवरी निर्धारित की है। इसके अलावा रामभवन और उसकी पत्नी न्यायिक अभिरक्षा भी 18 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।
सोमवार को पंचम एडीजे/पॉस्को एक्ट न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद की अदालत में चर्चित घटना की सुनवाई थी। पिछली तारीखों में सीबीआई ने अदालत में अर्जी दी थी कि आरोपी रामभवन का मानसिक, स्वास्थ्य और साइकोलॉजिस्ट चेकअप के लिए एम्स दिल्ली ले जाना है। इसके लिए न्यायिक अभिरक्षा में ले जाने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने सोमवार (4 जनवरी) निर्धारित की थी।
इस दिन सीबीआई का पांच सदस्यीय दल फिर अदालत में पेश हुआ और पूर्व की अर्जी स्वीकार करने का अनुरोध किया, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन हो जाने पर अधिवक्ताओं ने शोक सभा के बाद अदालती कामकाज नहीं किए। इस पर अदालत ने सीबीआई की इस अर्जी पर सुनवाई/आदेश के लिए 6 जनवरी निर्धारित कर दी।
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उधर, आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाकर अदालत ने 18 जनवरी कर दी गई है। इसके लिए सीबीआई ने अदालत में अर्जी दी थी। उधर, आरोपी जेई के अधिवक्ता अनुराग पटेल और देवदत्त तिवारी ने अब तक सीबीआई की अर्जियों पर आपत्ति दाखिल नहीं की है। सोमवार को अधिवक्ताओं ने अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए अदालत में अर्जी भेजकर अगली तारीख का अनुरोध किया। सीबीआई टीम का नेतृत्व सीओ अमित कुमार कर रहे थे। सीबीआई दल ने जनपद न्यायाधीश से भी मुलाकात की। उधर, रामभवन और उसकी पत्नी को जेल से अदालत नहीं लाया गया था।
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सोमवार को पंचम एडीजे/पॉस्को एक्ट न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद की अदालत में चर्चित घटना की सुनवाई थी। पिछली तारीखों में सीबीआई ने अदालत में अर्जी दी थी कि आरोपी रामभवन का मानसिक, स्वास्थ्य और साइकोलॉजिस्ट चेकअप के लिए एम्स दिल्ली ले जाना है। इसके लिए न्यायिक अभिरक्षा में ले जाने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने सोमवार (4 जनवरी) निर्धारित की थी।
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इस दिन सीबीआई का पांच सदस्यीय दल फिर अदालत में पेश हुआ और पूर्व की अर्जी स्वीकार करने का अनुरोध किया, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन हो जाने पर अधिवक्ताओं ने शोक सभा के बाद अदालती कामकाज नहीं किए। इस पर अदालत ने सीबीआई की इस अर्जी पर सुनवाई/आदेश के लिए 6 जनवरी निर्धारित कर दी।
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उधर, आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाकर अदालत ने 18 जनवरी कर दी गई है। इसके लिए सीबीआई ने अदालत में अर्जी दी थी। उधर, आरोपी जेई के अधिवक्ता अनुराग पटेल और देवदत्त तिवारी ने अब तक सीबीआई की अर्जियों पर आपत्ति दाखिल नहीं की है। सोमवार को अधिवक्ताओं ने अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए अदालत में अर्जी भेजकर अगली तारीख का अनुरोध किया। सीबीआई टीम का नेतृत्व सीओ अमित कुमार कर रहे थे। सीबीआई दल ने जनपद न्यायाधीश से भी मुलाकात की। उधर, रामभवन और उसकी पत्नी को जेल से अदालत नहीं लाया गया था।