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पचास से अधिक बच्चों के यौन शोषण का मामला: आरोपी जेई की पत्नी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर अब सुनवाई 21 को
Tue, 15 Jun 2021 08:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 15 Jun 2021 08:11 PM IST
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आरोपी जेई की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
बांदा में बालकों के यौन उत्पीड़न के चर्चित केस की सह आरोपी और सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन की पत्नी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर मंगलवार को भी बहस नहीं हो सकी। 15वीं बार सुनवाई टल गई। अदालत ने अब बहस की अगली तिथि 21 जून नियत की है। सह आरोपी दुर्गावती इस केस के मुख्य आरोपी और निलंबित जेई रामभवन की पत्नी है।
दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने बताया कि मंगलवार को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत पर बहस और अन्य मुकदमों की सुनवाई की। जब यौन उत्पीड़न केस की सह आरोपी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर बहस की बारी आई तो सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने सीबीआई की जांच का हवाला देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मामला बताया।
इसकी सुनवाई का अधिकार विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) को है। सहायक शासकीय अधिवक्ता की दलीलें सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने जमानत पर बहस के लिए अगली तिथि 21 जून (सोमवार) निर्धारित कर दी है। टर्न न होने की वजह से विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) मोहम्मद रिजवान अहमद केस की सुनवाई नहीं कर पा रहे हैं। इस केस की संबंधित पत्रावलियां पाक्सो अदालत में हैं।
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आरोपी के अधिवक्ता पूरी तैयारी के साथ बहस के लिए अदालत में उपस्थित रहे। सीबीआई ने कई माह तक जांच-पड़ताल के बाद यौन उत्पीड़न के शिकार 25 बालकों के धारा 164 सीआरपीसी के तहत अदालत में बयान दर्ज कराए थे। आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है।
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दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने बताया कि मंगलवार को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत पर बहस और अन्य मुकदमों की सुनवाई की। जब यौन उत्पीड़न केस की सह आरोपी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर बहस की बारी आई तो सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने सीबीआई की जांच का हवाला देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मामला बताया।
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इसकी सुनवाई का अधिकार विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) को है। सहायक शासकीय अधिवक्ता की दलीलें सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने जमानत पर बहस के लिए अगली तिथि 21 जून (सोमवार) निर्धारित कर दी है। टर्न न होने की वजह से विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) मोहम्मद रिजवान अहमद केस की सुनवाई नहीं कर पा रहे हैं। इस केस की संबंधित पत्रावलियां पाक्सो अदालत में हैं।
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आरोपी के अधिवक्ता पूरी तैयारी के साथ बहस के लिए अदालत में उपस्थित रहे। सीबीआई ने कई माह तक जांच-पड़ताल के बाद यौन उत्पीड़न के शिकार 25 बालकों के धारा 164 सीआरपीसी के तहत अदालत में बयान दर्ज कराए थे। आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है।
सास-ससुर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
बांदा में दहेज हत्या के आरोपी सास-ससुर की अग्रिम जमानत अर्जी जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि गिरवां क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी अच्छेलाल यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुत्री रंजना देवी की शादी पिछले वर्ष 16 फरवरी को बहेरी के इंद्रजीत से की थी।
29 अप्रैल को पति इंद्रजीत, ससुर रामगुलाम व सास सावित्री ने दहेज के लिए पुत्री की पीटकर हत्या कर दी और शव फांसी पर लटका दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। सास और ससुर ने अग्रिम जमानत अर्जी अधिवक्ता के जरिए जिला न्यायाधीश की अदालत में दाखिल की। मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला जज गजेंद्र कुमार ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
बांदा में दहेज हत्या के आरोपी सास-ससुर की अग्रिम जमानत अर्जी जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि गिरवां क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी अच्छेलाल यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुत्री रंजना देवी की शादी पिछले वर्ष 16 फरवरी को बहेरी के इंद्रजीत से की थी।
29 अप्रैल को पति इंद्रजीत, ससुर रामगुलाम व सास सावित्री ने दहेज के लिए पुत्री की पीटकर हत्या कर दी और शव फांसी पर लटका दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। सास और ससुर ने अग्रिम जमानत अर्जी अधिवक्ता के जरिए जिला न्यायाधीश की अदालत में दाखिल की। मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला जज गजेंद्र कुमार ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।