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पुराने शहर को नए नियमों की नोटिस से भड़के व्यापारी

Thu, 21 Jan 2021 11:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 11:17 PM IST
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Businessmen angry with new rules notice to old city
कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने आए व्यापारी नेता। - फोटो : BANDA
बांदा। शहर में विकास कार्यों के नाम पर शून्य बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के पुराने मकानों और दुकानदारों को चालान नोटिस जारी करने पर जिला उद्योग व्यापार मंडल ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष/डीएम को ज्ञापन देकर प्राधिकरण के कार्यों में सुधार की मांग की है। सांसद और विधायक को भी ज्ञापन की प्रति भेजी।
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बृहस्पतिवार को दिए गए ज्ञापन में व्यापार मंडल नेताओं ने कहा कि बांदा में विकास प्राधिकरण 1984 में गठित हुआ। शहर की ज्यादातर आबादी इससे पहले की है और मिश्रित है। सड़कें, गलियां भी तभी की हैं। ऐसे में इन इलाकों में प्राधिकरण द्वारा अपने नियमों का हवाला देकर नोटिस देना अव्यवहारिक है।
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प्राधिकरण नक्शा पास कराते समय विकास शुल्क जमा कराता है, लेकिन आज तक इस पैसे से शहर में कहीं पार्क, नाली, सड़क का निर्माण नहीं हुआ। व्यापार मंडल ने पुरानी मिश्रित आबादी में जारी की गई नोटिसों और चालानों को कैंप लगाकर निस्तारित करने, वसूले गए विकास शुल्क से सुंदरीकरण, नए निर्मित क्षेत्रों में ही व्यावसायिक और आवासीय नियम लागू करने आदि की मांग की है।
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ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्त, संयुक्त महामंत्री चारुचंद्र खरे, मंडल अध्यक्ष विष्णु कुमार गुप्त, जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सराफ, उपाध्यक्ष/प्रभारी शिवपूजन गुप्त, महामंत्री कमलेश गुप्त, नगर अध्यक्ष संतोष अनशनकारी, ज्वाला प्रसाद गुप्त, प्रेम गुप्त, कृष्णप्रकाश, राजकुमार, राजेश कुमार साहू आदि शामिल थे।
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