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सेंध लगा पानी की चोरी
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 30 May 2016 12:33 AM IST
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Drinking water
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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एक तरफ जहां जल संस्थान को हर साल लाखों रुपये बिल अदा कर रहे हजारों उपभोक्ता पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जल संस्थान की साठगांठ से मेन राइजिंग लाइन में सेंधमारी कर सैकड़ों अवैध कनेक्शन दे दिए गए हैं। इनमें रात-दिन पानी की भरमार है। शहर में भले ही एक हफ्ते से पेयजल का भीषण संकट है लेकिन मेन राइजिंग वाले अवैध कनेक्शनों में पानी की कमी नहीं है।
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शहर में दो लाख की आबादी पर 40 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) पानी की जरूरत है। जल संस्थान सिर्फ 27 एमएलडी ही पानी आपूर्ति कर पा रहा है। 13 एमएलडी पानी की अभी और जरूरत है। पेयजल की भारी कमी के बावजूद जल संस्थान में अंधेरगर्दी मची हुई है।
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अतर्रा रोड और बबेरू रोड स्थित ट्यूबवेलों से अलीगंज और मर्दननाका स्थित ओवरहेड टैंक भरने के लिए राइजिंग मेन लाइन डाली गई है। कानूनन मेन लाइन से उपभोक्ताओं की सर्विस लाइन जोड़कर कनेक्शन नहीं दिए जा सकते। लेकिन इस लाइन में लगभग 200 अवैध कनेक्शन जोड़ रखे गए हैं।
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बताते हैं कि इसके एवज में हरेक कनेक्शन में जल संस्थान वालों की जेब में एकमुश्त पांच हजार रुपये डाले गए हैं। मेन राइजिंग में कनेक्शन जोड़ देने से उसका प्रेशर कम हो जाता है और पानी ओवरहेड टैंक तक नहीं पहुंच पाता।
उधर, ओवर हेड टैंक न भर पाने का ठीकरा अक्सर जल संस्थान बिजली विभाग पर ठीकरा फोड़ कर पल्ला झाड़ लेता है। मेन राइजिंग से छेड़छाड़ का खामियाजा वैध कनेक्शन धारक भोग रहे हैं। पानी चोरी की वजह से उन्हें पेयजल को तरसना पड़ रहा है।