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बोर्ड परीक्षा में महंगा पड़ेगा धर्म का जुनून
अमर उजाला ब्यूरो बांदा
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:28 AM IST
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बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका मेें धर्म या मजहब से संबंधित कोई भी वाक्य या संकेत लिखना अथवा आकृति बनाना महंगा पड़ेगा। इससे परीक्षार्थी का नतीजा खतरे में पड़ सकता है। मूल्यांकन में निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद ने यह फैसला लिया है। उधर, केंद्र व्यवस्थापकों को इस बार स्मार्ट फोन से लैस किया जाएगा। इसका खर्च सरकार उठाएगी।
बोर्ड परीक्षा में कुछ छात्र-छात्राएं उत्तर पुस्तिका के ऊपरी पन्ने या उत्तर लिखने से पूर्व ‘श्रीगणेशाय नम:’ अथवा ‘ऊं’ या ‘786’ लिख देते हैं। इससे यह बात तो स्पष्ट हो ही जाती है कि परीक्षार्थी किस धर्म या मजहब का है। बोर्ड ने परीक्षा और मूल्यांकन को और खरा तथा निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षार्थियों की इस कथित ‘श्रद्धा’ पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ रोल नंबर और पूछे गए विवरण ही दर्ज करेंगे। उत्तर पुस्तिका मेें प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के आखिरी पन्ने पर भी रोल नंबर दर्ज करना होगा।
इस बार केंद्र व्यवस्थापकों को एंड्रायड (स्मार्ट फोन) परीक्षा के दौरान रखना होगा। बोर्ड ने कहा है कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल एप से जोड़कर बोर्ड रोज जानकारी लेगा। बृहस्पतिवार को डीएवी इंटर कालेज में हुई बैठक में जिले के सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इस फोन के लिए सिम कार्ड दिए गए। डीआईओएस हिफजुर्रहमान ने प्रोजेक्टर के जरिये मोबाइल एप प्रक्रिया समझाई। परीक्षा से गैर हाजिर रहने वाले परीक्षार्थियों की सूचना भी इसी तकनीक से दी जाएगी। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर राम नरेश शिवहरे, प्रमोद कुमार शुक्ल, गणेश द्विवेदी, उर्मिला और परीक्षा प्रभारी पन्नीलाल भी शामिल रहे।
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बोर्ड परीक्षा में कुछ छात्र-छात्राएं उत्तर पुस्तिका के ऊपरी पन्ने या उत्तर लिखने से पूर्व ‘श्रीगणेशाय नम:’ अथवा ‘ऊं’ या ‘786’ लिख देते हैं। इससे यह बात तो स्पष्ट हो ही जाती है कि परीक्षार्थी किस धर्म या मजहब का है। बोर्ड ने परीक्षा और मूल्यांकन को और खरा तथा निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षार्थियों की इस कथित ‘श्रद्धा’ पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ रोल नंबर और पूछे गए विवरण ही दर्ज करेंगे। उत्तर पुस्तिका मेें प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के आखिरी पन्ने पर भी रोल नंबर दर्ज करना होगा।
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इस बार केंद्र व्यवस्थापकों को एंड्रायड (स्मार्ट फोन) परीक्षा के दौरान रखना होगा। बोर्ड ने कहा है कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल एप से जोड़कर बोर्ड रोज जानकारी लेगा। बृहस्पतिवार को डीएवी इंटर कालेज में हुई बैठक में जिले के सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इस फोन के लिए सिम कार्ड दिए गए। डीआईओएस हिफजुर्रहमान ने प्रोजेक्टर के जरिये मोबाइल एप प्रक्रिया समझाई। परीक्षा से गैर हाजिर रहने वाले परीक्षार्थियों की सूचना भी इसी तकनीक से दी जाएगी। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर राम नरेश शिवहरे, प्रमोद कुमार शुक्ल, गणेश द्विवेदी, उर्मिला और परीक्षा प्रभारी पन्नीलाल भी शामिल रहे।
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