{"_id":"5ee510c88ebc3e430e33ffbb","slug":"blood-gets-61-percent-of-the-state-s-annual-requirement-banda-news-knp5653908151","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश की सालाना जरूरत का 61 फीसदी ही जुट पाता है रक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश की सालाना जरूरत का 61 फीसदी ही जुट पाता है रक्त
विज्ञापन
बांदा। जागरूकता की कोशिशों से पुराने दौर के मुकाबले रक्तदान के प्रति गंभीरता बढ़ी है लेकिन इसके और प्रसार की जरूरत है। प्रदेश में प्रति वर्ष लगभग 22 लाख यूनिट रक्त की जरूरत होती है, जबकि मात्र 13.59 लाख यूनिट (61 प्रतिशत) ही संग्रह हो पाता है।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य रक्त संचरण परिषद के निदेशक एवं बांदा के पूर्व जिलाधिकारी डॉ. हीरालाल ने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस से बचाव की सतर्कता के प्रति रक्तदान को लेकर तमाम भ्रांतियां भी फैली हैं। जरूरत है भ्रांतियों को दूर करके रक्तदान की प्रवृत्ति बढ़ाने की। 14 जून को रक्तदाता दिवस पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
प्रख्यात ऑस्ट्रेलियन जीव विज्ञानी कार्ल लैंड स्टेनर के जन्मदिन 14 जून का दिन प्रति वर्ष ‘विश्व रक्तदाता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। प्रदेश में कुल 352 ब्लड बैंक संचालित हैं। इनमें 107 सरकारी और 245 गैर सरकारी हैं। जिसको जहां संभव हो, वहां रक्तदान के लिए पहुंचे। खास कारणों से रक्तदान से चूकने वाले भविष्य के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं।
विज्ञापन
अभी महिलाओं की हिस्सेदारी कम
उत्तर प्रदेश राज्य रक्त संचरण परिषद की सचिव डॉ. गीता अग्रवाल के मुताबिक रक्तदाताओं में अभी महिलाओं की हिस्सेदारी काफी कम है। मौजूदा समय में मात्र 4.33 प्रतिशत ही महिला रक्तदाताओं का औसत है। इसका बड़ा कारण उनकी पारिवारिक व्यस्तता हो सकती है। कई जगह जागरूकता की कमी भी महिलाओं को रक्तदान में पीछे कर देती है।
कोई भी कर सकता है रक्तदान ::
- 18 से 65 वर्ष के बीच कोई भी रक्तदान कर सकता है
- तीन माह के अंत से रक्तदान फिर किया जा सकता है
- रक्तदाता का वजन 45 किलो से कम नहीं होना चाहिए
- रक्तदाता का हीमोग्लोबिन 12.5 से कम न हो
विज्ञापन
यह जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य रक्त संचरण परिषद के निदेशक एवं बांदा के पूर्व जिलाधिकारी डॉ. हीरालाल ने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस से बचाव की सतर्कता के प्रति रक्तदान को लेकर तमाम भ्रांतियां भी फैली हैं। जरूरत है भ्रांतियों को दूर करके रक्तदान की प्रवृत्ति बढ़ाने की। 14 जून को रक्तदाता दिवस पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
प्रख्यात ऑस्ट्रेलियन जीव विज्ञानी कार्ल लैंड स्टेनर के जन्मदिन 14 जून का दिन प्रति वर्ष ‘विश्व रक्तदाता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। प्रदेश में कुल 352 ब्लड बैंक संचालित हैं। इनमें 107 सरकारी और 245 गैर सरकारी हैं। जिसको जहां संभव हो, वहां रक्तदान के लिए पहुंचे। खास कारणों से रक्तदान से चूकने वाले भविष्य के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं।
विज्ञापन
अभी महिलाओं की हिस्सेदारी कम
उत्तर प्रदेश राज्य रक्त संचरण परिषद की सचिव डॉ. गीता अग्रवाल के मुताबिक रक्तदाताओं में अभी महिलाओं की हिस्सेदारी काफी कम है। मौजूदा समय में मात्र 4.33 प्रतिशत ही महिला रक्तदाताओं का औसत है। इसका बड़ा कारण उनकी पारिवारिक व्यस्तता हो सकती है। कई जगह जागरूकता की कमी भी महिलाओं को रक्तदान में पीछे कर देती है।
कोई भी कर सकता है रक्तदान ::
- 18 से 65 वर्ष के बीच कोई भी रक्तदान कर सकता है
- तीन माह के अंत से रक्तदान फिर किया जा सकता है
- रक्तदाता का वजन 45 किलो से कम नहीं होना चाहिए
- रक्तदाता का हीमोग्लोबिन 12.5 से कम न हो