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बांदा : यमुना में उफान, सांसत में जान, घर छोड़कर राहत शिविर में पहुंच रहे ग्रामीण

Sat, 27 Aug 2022 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 11:36 PM IST
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Banda: Yamuna in boom, life in breath, villagers leaving home and reaching relief camp
तिंदवारी में बाढ़ में घिरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय। - फोटो : BANDA
बांदा। हरियाणा के हथिनी कुंड से छोड़े गए 26 लाख क्यूसिक पानी से यमुना उफना गई है। जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की गति से बढ़ रहा है। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर पहुंच गया। इससे पैलानी क्षेत्र के सात गांवों पडवन डेरा, सिंघन कला, पैलानी डेरा, पैलानी, माथा, समगरा में दो से तीन मीटर तक पानी भर गया है। यहां के ग्रामीण घर छोड़कर राहत शिविरों में पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 60 से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं।
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ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों और खेतों में शरण ली है। कई गांवों के संपर्क मार्ग मुख्य मार्गों से कट गए हैं। रपटों में दो से तीन मीटर पानी बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार हरियाणा के हथिनी कुंड से छोड़े गए 26 लाख क्यूसिक पानी की वजह से स्थिति खराब हुई है। अभी जलस्तर और बढ़ेगा।
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उधर, केन नदी का जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार को केन नदी का जलस्तर 102.96 मीटर पर रहा। यह खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। इस नदी की चपेट में आए कनवारा, छनिया डेरा, ब्रम्हाडेरा गांवों के लोग राहत शिविरों से घर के लिए लौटने लगे हैं, लेकिन अभी भी कई गांव प्रभावित हैं।
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केन की बाढ़ से प्रभावित शंकर पुरवा के बाशिंदे ऊंचे स्थानों व खेतों में डेरा डाले हुए हैं। इनका बुरा हाल है। प्रशासन की इमदाद इन तक नहीं पहुंच रही है। रामबरन का कहना है कि वह पांच दिनों से पड़े हैं। प्रशासन ने तिरपाल, मोमबत्ती व माचिस तक नहीं दी। रामलखन का कहना है कि बेटी की तबियत खराब है।
न उपचार हो रहा है और न ही कोई आर्थिक मदद दी जा रही है। सियाराम ने बताया कि घर से आटा दाल लेकर आए थे। उससे बच्चों का पेट भर रहे हैं। अभी तक प्रशासन ने कोई मदद नहीं मिली। रामकिशोर का कहना है कि अधिकारी सिर्फ देखने आते हैं। हम किस हाल में जी रहे हैं, इससे किसी को वास्ता नहीं। मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
भाथा के पास सड़क के ऊपर पानी आ जाने से बांदा से पैलानी होते हुए कानपुर जाने वाला मार्ग बंद हो गया है। थानाध्यक्ष पैलानी नंदराम प्रजापति ने पैलानी पुल से होकर कानपुर जाने वाले वाहनों पर रोक लगा दी है। पैलानी के योगी नगर में पानी घुसने से हनुमान मंदिर डूब गया है।

बस्ती में पानी घुसने से राशन की दुकान भी बंद हो गई है। केन नदी का पानी खप्टिहा कलां के पंचायत भवन, जोगनी माता मदिर में भर गया है। ग्रामीणों ने राहत शिविर व खेतों में शरण ली है। उधर, एसडीएम पैलानी लाल सिंह यादव ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर कर्मचारियों को पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।
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