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उपज कम देख बैठ गया बांदा के किसान का दिल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 10 May 2016 12:42 AM IST
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बर्बाद हुई गेहूं की फसल।
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बांदा। कर्ज के बोझ और फसल में कम पैदावार के सदमे में 42 वर्षीय किसान की मौत हो गई। उसे दो पुत्रियों की शादी की भी चिंता थी। पिछले साल पिता की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सदर तहसील के बड़ेहा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ नन्ना (42) पुत्र चंदन सिंह के नाम चार बीघा जमीन है।
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भाई सभाजीत ने बताया कि नन्ना ने दो बीघा में चना, मटर और दो बीघा में गेहूं की बुआई की थी। चना और मटर की फसल में कुछ भी नहीं हुआ। रविवार को गेहूं की मड़ाई कराई तो दो क्विंटल से भी कम अनाज निकला। यह देख अमर सिंह को सदमा लगा। घर आते ही उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। जिला अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
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अमर सिंह की मां के नाम इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक जारी शाखा से तीन लाख रुपये का कर्ज है। इसकी अदायगी भी अमर सिंह को ही करनी थी। उधर, दो पुत्रियों की शादी की चिंता भी उन्हें खाए जा रही थी। पिता चंदन सिंह की पिछले साल हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
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तहसीलदार सुनील कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने एसडीएम अनुज सिंह के साथ मृतक के घर जाकर हालात का जायजा लिया है। परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत पर मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद दिलाएंगे। पूर्व डीडीसी सदस्य दलपत सिंह ने भी परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। उधर, एसडीएम ने कृषि जनित कारणोें से मौत से इनकार किया है।