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बांदा : लड़खड़ाती आवाज में रचना बोली : पैर में किसी कीड़े ने काटा था
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10 बीएनडीपी 08 राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती रचना
- फोटो : BANDA
बांदा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती रचना को 56 घंटे बाद होश आ गया है। बुधवार को लड़खड़ाती जुबान में उसने डॉक्टर को पैर में किसी कीड़े के काटने के बारे बताया। डॉक्टर ने टॉर्च से बारीकी से जांच की, लेकिन कोई निशान नजर नहीं आया। मालूम हो कि ज्योति नगर में तीन-भाई बहनों की मौत हो गई थी। सबसे बड़ी लड़की का इलाज चल रहा है। कारण नहीं पता चल सका है।
मेडिकल कालेज प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि रचना की सेहत में काफी सुधार है। होश आ गया है। थोड़ा बोलने भी लगी है। लेकिन अभी दो दिन आईसीयू में ही रखा जाएगा। वहीं, पिता कामता राजपूत ने बताया कि उसके चारों बच्चों को जहरीले कीड़े ने काटा है। बच्चों के बारीक निशान देखे हैं। हालांकि डॉक्टर उन निशानों को नहीं मान रहे। अमन के नाक, दीक्षा के हाथ और रक्षा के पेट में बारीक छेद थे। यह भी बताया कि उसे अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। बताया गया है कि लखनऊ से बिसरा की जांच आने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। जबकि इस रिपोर्ट में काफी समय लग सकता है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी
पिता कामता और उसकी पत्नी आरती में अधिकारियों व जनप्रतिनिधयों को लेकर नाराजगी है। कहा कि घटना के तीन दिन हो गए और अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। न ही कोई अधिकारी उनके घर आया। कोई पार्टी का नेता भी उनके घर सांत्वना जताने आया है।
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ये है पूरा मामला
मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे ज्योति नगर में रहने कामता के तीन बेटियों और एक बेटे की अचानक हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में सभी को जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, यहां इलाज के दौरान रक्षा, दीक्षा और अमन की मौत हो गई थी। वहीं बड़ी बेटी रचना का इलाज चल रहा है।
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मेडिकल कालेज प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि रचना की सेहत में काफी सुधार है। होश आ गया है। थोड़ा बोलने भी लगी है। लेकिन अभी दो दिन आईसीयू में ही रखा जाएगा। वहीं, पिता कामता राजपूत ने बताया कि उसके चारों बच्चों को जहरीले कीड़े ने काटा है। बच्चों के बारीक निशान देखे हैं। हालांकि डॉक्टर उन निशानों को नहीं मान रहे। अमन के नाक, दीक्षा के हाथ और रक्षा के पेट में बारीक छेद थे। यह भी बताया कि उसे अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। बताया गया है कि लखनऊ से बिसरा की जांच आने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। जबकि इस रिपोर्ट में काफी समय लग सकता है।
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अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी
पिता कामता और उसकी पत्नी आरती में अधिकारियों व जनप्रतिनिधयों को लेकर नाराजगी है। कहा कि घटना के तीन दिन हो गए और अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। न ही कोई अधिकारी उनके घर आया। कोई पार्टी का नेता भी उनके घर सांत्वना जताने आया है।
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ये है पूरा मामला
मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे ज्योति नगर में रहने कामता के तीन बेटियों और एक बेटे की अचानक हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में सभी को जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, यहां इलाज के दौरान रक्षा, दीक्षा और अमन की मौत हो गई थी। वहीं बड़ी बेटी रचना का इलाज चल रहा है।