Banda: डीएपी न मिलने पर किसानों ने हाईवे किया जाम, किसान बोले-तड़के से लाइन में लगे, फिर भी नहीं मिली खाद
जिले में डीएपी ने मिलने से आक्रोशित किसानों ने बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग में जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर किसान माने, जिसके चलते करीब एक घंटे बाद आवागमन बहाल हुआ। वहीं, किसानों का कहना था कि तड़के से लाइन में लगे, फिर भी खाद नहीं मिली है।
विस्तार
बांदा जिले में डीएपी न मिलने से नाराज किसानों ने बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। शासन-प्रशासन विरोधी नारे लगाए। किसानों का कहना है कि तड़के से लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिल रही। चहेतों को पहले खाद देने का आरोप लगाया है।
शनिवार को सुबह मंडी समिति स्थित केंद्रों में खाद के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही। केंद्र प्रभारी के खाद न होने की बात कहने पर किसान भड़क गए और सड़क पर आ गए। मंडी समिति के सामने बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप कर दिया।
हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस अफसरों के वाहन समेत कई यात्री बसें भी फंस गईं। किसानों ने आरोप लगाया कि कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद खाद नहीं मिल रही। खेत तैयार हैं और समय पर खाद नहीं मिली, तो बुआई प्रभावित होगी।
सूचना पर कालूकुआं चौकी प्रभारी जयचंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। देर तक किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान खाद की जिद पर अड़े रहे। कुछ देर बाद प्रभारी निरीक्षक श्यामबाबू शुक्ल पहुंचे और किसानों को खाद दिलाने का भरोसा दिलाया।
लगभग एक घंटे बाद जाम खत्म हो सका। केंद्र प्रभारी ने पुलिस को बताया कि खाद मंगाई गई है। आते ही वितरण शुरू किया जाएगा। जाम लगाने वालों में पचनेही, लामा, करहिया, गोयरा, गंछा, कहला, महोखर, गुरेह समेत कई गांवों के किसान शामिल रहे।
केस नंबर-1
मवई के किसान शिवदयाल का आरोप है कि 10 बजे टोकन वितरण शुरू होता है। केंद्र प्रभारी 25 टोकन ही लाइन में वितरण करते है शेष टोकन अंदर से ही खास लोगों को वितरित कर दिए जाते है। इससे तमाम किसान खाद से वंचित रह जाते है।
केस नंबर-2
कनवारा के किसान रामभरोसे का कहना है कि धान की कटाई के बाद खेत गेहूं की बुवाई के लिए तैयार खड़े है। मंडी समिति बिक्री केंद्र से दो दिन से लौट रहे है। खाद नहीं मिल रही है। बाजार में नकली व महंगे दामों पर खाद मिल रही है।
200 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जो समितियों में भेजी जा रही है। उधर, 2600 मीट्रिक टन डीएपी की एक रैक कांडला से आ रही है, जो 11 दिसंबर तक मुख्यालय आ जाएगी। आधी खाद चित्रकूट जाएगी। महोबा और हमीरपुर में यूरिया की मांग है। देर रात एक रैक यूरिया की महोबा पहुंच गई है। -बीरेंद्र बाबू दीक्षित, उपायुक्त सहकारी समिति, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा