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विश्वकप जीतने में बांदा भी भागीदार
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:25 PM IST
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कप्तान हरजीत सिंह के साथ खुशी जताते टीम के सहायक मैनेजर अशफाक
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय जूनियर हॉकी टीम द्वारा डेढ़ दशक बाद जीते गए विश्वकप में बुंदेलखंड के लाल का भी हाथ है। बेल्जियम को हराने वाले खिलाड़ियों को बांदा के बाशिंदे ने प्रशिक्षित किया। वह इस समय टीम में असिस्टेंट मैनेजर का किरदार निभा रहा है।
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रविवार को लखनऊ में भारत की टीम ने विश्व जूनियर हॉकी कप भारत ने जीता था। विजेता टीम के असिस्टेंट मैनेजर बांदा शहर के छावनी मोहल्ला निवासी अशफाक उल्ला खां हैं। अशफाक ने बीपीएड तक की पढ़ाई बांदा से की। फिर एमपीईएड एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से किया। वे टीम इंडिया में रहते हुए भी मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।
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बताते हैं कि हॉकी का शौक छठवीं कक्षा से शुरू हो गया था। वर्ष 2013 में हॉकी इंडिया ज्वाइन कर ली। तब से इंडिया की टीम को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैचों में हाकी के जूनियर खिलाड़ियों का बेहतरीन मार्गदर्शन किया। अशफाक ने विश्व कप जीतने पर बेहद खुशी जताई।
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फोन पर बातचीत में बताया कि हॉकी एक टीम गेम है। इसमें सभी खिलाड़ियों का योगदान होता है। बताया कि जूनियर खिलाड़ियों ने विश्व कप जीतने के लिए जमकर मेहनत की। इन खिलाड़ियों की तमन्ना है कि भारत में हाकी को फिर वही मुकाम मिले जो मेजर ध्यानचंद्र के जमाने में हाकी को हासिल था।
अशफाक ने बताया कि उन्होंने हॉकी इंडिया के लिए आनलाइन प्लेटफार्म बनाया है। इसमें खिलाड़ी और कोच कहीं से भी इंटरनेट के जरिये हॉकी के स्किल कर सकते हैं। अशफाक उल्ला के पिता जमाल उल्ला खां बांदा में अध्यापक हैं। एआईएमआईएम महासचिव वाजिद अली ने भारतीय टीम और अशफाक को बधाई दी है।