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बाबा के शोक में डूबे हजारों निरंकारी अनुयायी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 13 May 2016 11:48 PM IST
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बांदा आगमन के दौरान निरंकारी सत्संग मंडल के जोनल इंचार्ज डॉ. दर्शन सिंह को आशीर्वाद देते बाबा हरदेव सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। निरंकारी संत बाबा हरदेव सिंह की कनाडा में सड़क हादसे मेें हुई मृत्यु में यहां उनके हजारों अनुयायी शोक में डूब गए। निरंकारी सत्संग भवन में शोक जताने वालों का तांता लगा रहा। कई अनुयायी तो फफककर रोने लगे। हादसे में घायल उनके परिजनों की सेहत के लिए दुआएं कीं।
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निरंकारी सत्संग मंडल के जोनल इंचार्ज डॉ. दर्शन सिंह ने बताया कि बाबा हरदेव में कुदरती आकर्षण था। वे चार बार बांदा आए। पहली बार 1987 में यहां जीआईसी ग्राउंड में उन्होंने अपने हजारों अनुयायियों को दर्शन दिए। दूसरे चरण में 1992 में आए। तब उनका भव्य कार्यक्रम जेएन डिग्री कालेज ग्राउंड में हुआ।
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बड़ी तादाद में अनुयायियों ने उनके दर्शन किए। तीसरी बार वह 1997 में डीएवी कालेज ग्राउंड पर आए। चौथी और अंतिम बार बाबा हरदेव 20 अप्रैल 2014 को बांदा आए थे। राजादेवी डिग्री कालेज ग्राउंड में उनका भव्य कार्यक्रम हुआ था। उनके साथ उनकी पत्नी सविंदर कौर भी थीं। जोनल इंचार्ज के मुताबिक बुंदेलखंड में संत बाबा हरदेव के लगभग डेढ़ लाख अनुयायी हैं। निरंकारी सत्संग का बांदा जोन 1986 से काम कर रहा है।
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बाबा हरदेव के संस्मरण सुनाते हुए दर्शन सिंह ने कहा कि बाबा महान आत्मा और शक्ति थे। उन्होंने बताया कि बाबा का पूरा जीवन गरीबों और असहायों में गुजरा। जातिवाद का भेदभाव खत्म कर सभी को बराबर का सम्मान दिया। इनके दरबार में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता।