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पर्याप्त नहीं इंतज़ाम, अन्ना पशु बने बवालेजान
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बिसंडा पुलिस थाने के सामने अन्ना मवेशियों के जमघट।
- फोटो : AMAR UJALA
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थाने के सामने अन्ना पशुओं का डेरा
- बांदा। छुट्टा पशुओं की समस्या खत्म नहीं हो रही है। खेतों से लेकर सड़कों तक इनका जमघट रहता है। राहगीरों को आवागमन में भारी समस्या हो रही है। जगह-जगह गौशालाओं की स्थापना के बावजूद अन्ना मवेशियों के झुंड सड़कों पर डेरा डाले रहते हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में लगभग दो लाख अन्ना पशु हैं। ऐसा ही नजारा बिसंडा नगर का है। पुलिस थाने के सामने सैकड़ों अन्ना मवेशी दिनभर डेरा जमाए रहते हैं। पुलिस सहित राहगीरों को वहां से गुजरने में खासी मशक्कत करना पड़ती है। थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा का कहना है कि पशुओं को छुट्टा छोड़ने वाले पशु मालिकों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।