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बसों की बहाली के बाद अब निजी वाहनों पर आरटीओ चेते
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बांदा। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना और इसी रूट के अन्य क्षेत्रों की बांदा डिपो द्वारा बंद की गईं रोडवेज बसों को लेकर अमर उजाला की चलाई गई खबर मुहिम के बाद रोडवेज ने जहां इस रूट की बसें बहाल कर दीं वहीं अब परिवहन विभाग ने भी सुध ली है। इस रूट में डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश अपने विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
बांदा से पन्ना वाया नरैनी-करतल और चित्रकूट-पन्ना वाया अतर्रा-नरैनी-करतल मार्गों पर लॉकडाउन के समय से रोडवेज ने अपनी बसें बंद कर दी थीं। कहा था कि इस रूट पर यात्री न होने से घाटा हो रहा है, जबकि इसी रूट पर प्राइवेट बसें और डग्गामार वाहन जमकर कमाई कर रहे थे। प्राइवेट बसें यात्रियों से अधिक किराया भी वसूल रहीं थीं। यात्रियों की इस अहम समस्या को लेकर अमर उजाला ने खबर मुहिम छेड़ दी थी। लगातार खबरें छपने के बाद नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने भी परिवहन अधिकारियों को बसें बहाल करने को कहा था। अंतत: रोडवेज ने इस रूट पर तीनों बंद बसें 12 अप्रैल से बहाल कर दीं थीं। हालांकि रोडवेज अफसरों की यह दलील है कि डग्गामार वाहनों से रोडवेज को सवारियां नहीं मिल रहीं।
अब संभागीय परिवहन अधिकारी ने भी खबरों पर मुहर लगा दी है। बुधवार (20 अप्रैल) को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ प्रवर्तन) ने विभागीय यात्री कर अधिकारी प्रथम व द्वितीय को जारी लिखित आदेश में कहा है कि बांदा-पन्ना सहित उपरोक्त मार्गों पर बिना परमिट और टैक्स दिए बसें चल रहीं हैं। इस पर यात्री कर अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। डग्गामार वाहनों का भी संचालन हो रहा है। निजी बसें यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रहीं हैं। नरैनी विधायक ने भी इसकी शिकायत की है। आरटीओ ने दोनों यात्रीकर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उक्त रूट पर बिना परमिट और यूपी का टैक्स दिए बिना चल रही बसों के विरुद्ध तत्काल मोटर वाहन और कराधान अधिनियम के तहत कार्रवाई करें और इन बसों से प्रशमन शुल्क वसूल किए उन्हें छोड़े।
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बांदा से पन्ना वाया नरैनी-करतल और चित्रकूट-पन्ना वाया अतर्रा-नरैनी-करतल मार्गों पर लॉकडाउन के समय से रोडवेज ने अपनी बसें बंद कर दी थीं। कहा था कि इस रूट पर यात्री न होने से घाटा हो रहा है, जबकि इसी रूट पर प्राइवेट बसें और डग्गामार वाहन जमकर कमाई कर रहे थे। प्राइवेट बसें यात्रियों से अधिक किराया भी वसूल रहीं थीं। यात्रियों की इस अहम समस्या को लेकर अमर उजाला ने खबर मुहिम छेड़ दी थी। लगातार खबरें छपने के बाद नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने भी परिवहन अधिकारियों को बसें बहाल करने को कहा था। अंतत: रोडवेज ने इस रूट पर तीनों बंद बसें 12 अप्रैल से बहाल कर दीं थीं। हालांकि रोडवेज अफसरों की यह दलील है कि डग्गामार वाहनों से रोडवेज को सवारियां नहीं मिल रहीं।
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अब संभागीय परिवहन अधिकारी ने भी खबरों पर मुहर लगा दी है। बुधवार (20 अप्रैल) को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ प्रवर्तन) ने विभागीय यात्री कर अधिकारी प्रथम व द्वितीय को जारी लिखित आदेश में कहा है कि बांदा-पन्ना सहित उपरोक्त मार्गों पर बिना परमिट और टैक्स दिए बसें चल रहीं हैं। इस पर यात्री कर अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। डग्गामार वाहनों का भी संचालन हो रहा है। निजी बसें यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रहीं हैं। नरैनी विधायक ने भी इसकी शिकायत की है। आरटीओ ने दोनों यात्रीकर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उक्त रूट पर बिना परमिट और यूपी का टैक्स दिए बिना चल रही बसों के विरुद्ध तत्काल मोटर वाहन और कराधान अधिनियम के तहत कार्रवाई करें और इन बसों से प्रशमन शुल्क वसूल किए उन्हें छोड़े।
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