संविदा खत्म होने के बाद भी डटे रहे जूनियर डाक्टर
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बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में 30 जून को संविदा खत्म हो जाने पर हटाए गए 40 जूनियर रेजीडेंट्स डाक्टर फिलहाल अपनी कुर्सियों पर डटे हैं। चार दिन पूर्व प्रधानाचार्य ने उनकी संविदा खत्म हो जाने की नोटिस जारी कर दी थी। लेकिन डाक्टरों का कहना है कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिली है। प्रधानाचार्य सुनील कुमार आर्य ने 27 जून को जारी नोटिस में कहा था कि 30 जून को संविदा समाप्त हो जाने पर मेडिकल कालेज में तैनात 40 सीनियर/जूनियर रेजीडेंट्स ड्यूटी पर तभी आएंगे जब उन्हें उनकी सेवा विस्तार का आदेश मिल जाए। चेतावनी दी थी कि बिना इस आदेश के काम करने वाले जूनियर डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। लेकिन फिलहाल इस नोटिस का असर नहीं पड़ा है। शनिवार को मेडिकल कालेज में यह सभी संविदा जूनियर डाक्टर अपने-अपने कक्षों में बैठकर मरीज देखते रहे।
उनका कहना था कि नोटिस दीवार पर चस्पा की गई है। अभी उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं दी गई है। उधर, प्रधानाचार्य का कहना है कि चेतावनी जारी की जा चुकी है। पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर विचार करके सोमवार को संविदा डाक्टरों के सेवा विस्तार संबंधी फैसला किया जाएगा। जिन जूनियर का काम अच्छा है उन्हें विस्तार मिल सकता है। बाहर की दवाएं या जांच लिखने या अन्य नियम विरुद्ध काम करने वाले को मौका नहीं दिया जाएगा। शनिवार को लगभग छह सैकड़ा मरीज मेडिकल कालेज आए।