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तिंदवारी और अतर्रा केंद्र में खरीद ठप
Banda
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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तिंदवारी/अतर्रा। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में अधिकारियों की सख्ती केंद्र प्रभारियों पर बेअसर दिख रही है। गेहूं खरीद में अड़ंगे और बहानेबाजी का सिलसिला भी नहीं थम रहा। केंद्रों में किसान डेरा डाले हैं। कई दिनों बाद भी उनकी बारी नहीं आ रही। खरीद केंद्र में फैली अव्यवस्था की वजह से परेशान किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने सभी खरीद केंद्रों में किसानों का गेहूं उसी दिन खरीदने का फरमान जारी किया था। आदेश की अवहेलना करने वाले केंद्र प्रभारियों को एफआईआर की चेतावनी दी गई थी। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने भी उसी दिन केंद्र में खरीदा गया गेहूं एफसीआई गोदाम पहुंचाने का आदेश दिया था। तिंदवारी गेहूं खरीद केंद्र में बुधवार को खरीद बंद रही। केंद्र प्रभारी का कहना है कि गेहूं डंप होने से उनके पास रखने की जगह नहीं बची। अब तक 159 किसानों से 7,303 कुंतल गेहूं खरीदा गया है। उधर, किसान सुनील कुमार, राजेंद्र कुमार, प्रदीप (मूंगुस) का कहना है कि केंद्र में व्यापारियों और कोटेदारों का गेहूं खरीदा जा रहा है। व्यापारी किसानों से उनकी किसान बही इकट्ठा करके धंधा कर रहे हैं। मंगलवार को खरीद के समय गेहूं के साथ कोटे के चावल की पैक बोरी मिली। किसानों ने हंगामा मचाया तो खरीद बंद कर दी गई। विपणन निरीक्षक अजय कुमार यादव ने स्वीकार किया कि एक किसान 15 ट्राली गेहूं बेच चुका है। हर बार दूसरे नाम की किसान बही लाता है। बुधवार को फिर नंबर लगाए खड़ा था। कुछ असरदार लोग गेहूं खरीद के लिए पर्ची भेजकर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियो को भेजी है।
उधर, अतर्रा मंडी समिति खरीद केंद्र में किसान तीन दिन से गेहूं बेचने को डेरा डाले हैं। अभी उनकी बारी नहीं आई। शिवमूर्ति तिवारी, पिंकू तिवारी, अजय सिंह, सुल्तान खां आदि किसान गेहूं भरा ट्रैक्टर लेकर बैरंग वापस लौट गए। केंद्र प्रभारी का कहना है कि गेहूं का उठान न होने से खरीद रोकनी पड़ती है। पल्लेदारों की भी कमी है। कमीशन एजेंटों की अभी तक नियुक्ति नहीं हुई। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राममूर्ति पांडेय का कहना है कि अभी वह दूसरे जिले के व्यापारियों की पत्रावलियों का सत्यापन कर रहे हैं। सत्यापन के बाद पत्रावली डीएम कार्यालय भेजी जाएगी।
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जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने सभी खरीद केंद्रों में किसानों का गेहूं उसी दिन खरीदने का फरमान जारी किया था। आदेश की अवहेलना करने वाले केंद्र प्रभारियों को एफआईआर की चेतावनी दी गई थी। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने भी उसी दिन केंद्र में खरीदा गया गेहूं एफसीआई गोदाम पहुंचाने का आदेश दिया था। तिंदवारी गेहूं खरीद केंद्र में बुधवार को खरीद बंद रही। केंद्र प्रभारी का कहना है कि गेहूं डंप होने से उनके पास रखने की जगह नहीं बची। अब तक 159 किसानों से 7,303 कुंतल गेहूं खरीदा गया है। उधर, किसान सुनील कुमार, राजेंद्र कुमार, प्रदीप (मूंगुस) का कहना है कि केंद्र में व्यापारियों और कोटेदारों का गेहूं खरीदा जा रहा है। व्यापारी किसानों से उनकी किसान बही इकट्ठा करके धंधा कर रहे हैं। मंगलवार को खरीद के समय गेहूं के साथ कोटे के चावल की पैक बोरी मिली। किसानों ने हंगामा मचाया तो खरीद बंद कर दी गई। विपणन निरीक्षक अजय कुमार यादव ने स्वीकार किया कि एक किसान 15 ट्राली गेहूं बेच चुका है। हर बार दूसरे नाम की किसान बही लाता है। बुधवार को फिर नंबर लगाए खड़ा था। कुछ असरदार लोग गेहूं खरीद के लिए पर्ची भेजकर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियो को भेजी है।
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उधर, अतर्रा मंडी समिति खरीद केंद्र में किसान तीन दिन से गेहूं बेचने को डेरा डाले हैं। अभी उनकी बारी नहीं आई। शिवमूर्ति तिवारी, पिंकू तिवारी, अजय सिंह, सुल्तान खां आदि किसान गेहूं भरा ट्रैक्टर लेकर बैरंग वापस लौट गए। केंद्र प्रभारी का कहना है कि गेहूं का उठान न होने से खरीद रोकनी पड़ती है। पल्लेदारों की भी कमी है। कमीशन एजेंटों की अभी तक नियुक्ति नहीं हुई। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राममूर्ति पांडेय का कहना है कि अभी वह दूसरे जिले के व्यापारियों की पत्रावलियों का सत्यापन कर रहे हैं। सत्यापन के बाद पत्रावली डीएम कार्यालय भेजी जाएगी।
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