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दस्यु राधे की नैनी जेल जाने की मंशा
Banda
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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बांदा। दस्यु सरगना ददुआ के नायब कमांडर रहे राधे को अब बांदा जेल रास नहीं आ रही। उसने यहां से नैनी सेंट्रल जेल जाने की मंशा जताई है। उधर, जेल प्रशासन ने चार साल बाद उसकी बैरिक बदल दी है।
तीन दशक तक आतंक का पर्याय बने रहे दस्यु ददुआ के मारे जाने के बाद उसके नायब कमांडर राधे ने 23 फरवरी 2008 को साथियों के साथ मध्य प्रदेश के सतना जिले के सभापुर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। 8 मई 2008 को उसे मंडल कारागार बांदा भेजा गया था। उसके साथ गिरोह के खास सदस्य तहसीलदार सिंह उर्फ रोहिणी और गोटर भी मंडल कारागार में बंद है। पिछले चार साल से राधे मंडल कारागार की बैरिक नंबर 1 में बंद था। अब उसे हटाकर बैरिक नंबर 3ए में स्थानांतरित कर दिया गया है। मंगलवार को मंडल कारागार में उसके चार साल पूरे हो जाएंगे।
लंबे समय से मंडल कारागार में बंद रहने के बाद अब राधे ने यहां से नैनी जेल जाने का मन बनाया है। चित्रकूट विधायक वीर सिंह ने रविवार को यहां कारागार का निरीक्षण किया था। बंदियों से सुविधाओं और समस्याओं के संबंध में पूछताछ की थी। इस दौरान दस्यु राधे भी विधायक से रूबरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक राधे ने विधायक वीर सिंह से भी मंडल कारागार से हटाकर नैनी सेंट्रल जेल भिजवाने का अनुरोध किया है। उधर, प्रभारी जेलर केके गुप्ता का कहना है कि उन्हें राधे द्वारा नैनी भेजे जाने की मांग संबंधी कोई जानकारी नहीं है। अलबत्ता कुछ बंदियों द्वारा उसकी नैनी जाने की मंशा का पता चला है। उन्होंने कहा कि राधे को नैनी भेजना असंभव है। नैनी जेल सिर्फ सजायाफ्ता भेजे जाते हैं। अदालत में पेशी को देखते हुए विचाराधीन कैदियों को यहीं रखा जाता है। फिर भी शासन से कोई आदेश मिला तो पालन किया जाएगा।
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तीन दशक तक आतंक का पर्याय बने रहे दस्यु ददुआ के मारे जाने के बाद उसके नायब कमांडर राधे ने 23 फरवरी 2008 को साथियों के साथ मध्य प्रदेश के सतना जिले के सभापुर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। 8 मई 2008 को उसे मंडल कारागार बांदा भेजा गया था। उसके साथ गिरोह के खास सदस्य तहसीलदार सिंह उर्फ रोहिणी और गोटर भी मंडल कारागार में बंद है। पिछले चार साल से राधे मंडल कारागार की बैरिक नंबर 1 में बंद था। अब उसे हटाकर बैरिक नंबर 3ए में स्थानांतरित कर दिया गया है। मंगलवार को मंडल कारागार में उसके चार साल पूरे हो जाएंगे।
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लंबे समय से मंडल कारागार में बंद रहने के बाद अब राधे ने यहां से नैनी जेल जाने का मन बनाया है। चित्रकूट विधायक वीर सिंह ने रविवार को यहां कारागार का निरीक्षण किया था। बंदियों से सुविधाओं और समस्याओं के संबंध में पूछताछ की थी। इस दौरान दस्यु राधे भी विधायक से रूबरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक राधे ने विधायक वीर सिंह से भी मंडल कारागार से हटाकर नैनी सेंट्रल जेल भिजवाने का अनुरोध किया है। उधर, प्रभारी जेलर केके गुप्ता का कहना है कि उन्हें राधे द्वारा नैनी भेजे जाने की मांग संबंधी कोई जानकारी नहीं है। अलबत्ता कुछ बंदियों द्वारा उसकी नैनी जाने की मंशा का पता चला है। उन्होंने कहा कि राधे को नैनी भेजना असंभव है। नैनी जेल सिर्फ सजायाफ्ता भेजे जाते हैं। अदालत में पेशी को देखते हुए विचाराधीन कैदियों को यहीं रखा जाता है। फिर भी शासन से कोई आदेश मिला तो पालन किया जाएगा।
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