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जमे रहे अफसर, फरियादियों का टोटा
Banda
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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बांदा। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों का टोटा रहा हालांकि अधिकारी जरूर जमे रहे। इस मौके पर डीएम शीतल वर्मा ने कई अफसरों की जमकर क्लास ली। साथ ही चेतावनी दी कि पिछले वर्ष 2011 का कोई भी प्रार्थनापत्र किसी तहसील में लंबित पाया गया तो संबंधित विभाग के अधिकारी का वेतन रोक दिया जाएगा।
सदर तहसील में लंबे अरसे के बाद तहसील दिवस आयोजित हुआ था लेकिन पर्याप्त प्रचार न होने से गिने-चुने ही फरियादी पहुंचे। हालांकि सभागार की कुर्सियां अधिकारियों से भरी रहीं। आगे की कुर्सियों में सदर तहसील के थानाध्यक्ष डटे रहे। डीएम ने पुलिस की कारगुजारी भी जांची-पूछीं। जिला प्रोबेशन कार्यालय कामों में असंतोष जताते हुए डीएम ने चेतावनी दी।
जेल रोड के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी अफसरों को आड़े हाथों लिया। हालांकि जल संस्थान के एक अभियंता ने सीडीओ को दोटूक जवाब दिया कि हैंडपंपों की मरम्मत कराना उनका काम नहीं है। जल निगम जाने। कुल मिलाकर पहला तहसील दिवस रस्म अदायगी में निपट गया।
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बबेरू/अतर्रा। तहसील दिवस में फरियादियों का टोटा रहा। उप जिलाधिकारी आरके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मात्र 24 शिकायतें दर्ज की गईं। इन्हें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपा गया। तमाम क्षेत्रीय कर्मचारी नदारद रहे। कुछ तहसील सभागार में ही ऊंघते रहे। अतर्रा। 28 मामले पेश हुए। किसी का फौरी तौर पर निस्तारण नहीं हुआ। उप जिलाधिकारी अशोक पुष्कर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार आत्मास्वरूप श्रीवास्तव, ईओ लालचंद्र सरोज, थानाध्यक्ष आरबी सिंह उपस्थित रहे।
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सदर तहसील में लंबे अरसे के बाद तहसील दिवस आयोजित हुआ था लेकिन पर्याप्त प्रचार न होने से गिने-चुने ही फरियादी पहुंचे। हालांकि सभागार की कुर्सियां अधिकारियों से भरी रहीं। आगे की कुर्सियों में सदर तहसील के थानाध्यक्ष डटे रहे। डीएम ने पुलिस की कारगुजारी भी जांची-पूछीं। जिला प्रोबेशन कार्यालय कामों में असंतोष जताते हुए डीएम ने चेतावनी दी।
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जेल रोड के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी अफसरों को आड़े हाथों लिया। हालांकि जल संस्थान के एक अभियंता ने सीडीओ को दोटूक जवाब दिया कि हैंडपंपों की मरम्मत कराना उनका काम नहीं है। जल निगम जाने। कुल मिलाकर पहला तहसील दिवस रस्म अदायगी में निपट गया।
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बबेरू/अतर्रा। तहसील दिवस में फरियादियों का टोटा रहा। उप जिलाधिकारी आरके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मात्र 24 शिकायतें दर्ज की गईं। इन्हें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपा गया। तमाम क्षेत्रीय कर्मचारी नदारद रहे। कुछ तहसील सभागार में ही ऊंघते रहे। अतर्रा। 28 मामले पेश हुए। किसी का फौरी तौर पर निस्तारण नहीं हुआ। उप जिलाधिकारी अशोक पुष्कर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार आत्मास्वरूप श्रीवास्तव, ईओ लालचंद्र सरोज, थानाध्यक्ष आरबी सिंह उपस्थित रहे।