फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   95 percent of the people of Khangar society are below poverty line

95 फीसदी खंगार समाज के लोग गरीबी रेखा से नीचे

Tue, 24 Aug 2021 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
95 percent of the people of Khangar society are below poverty line
बांदा। खंगार/खांगर समाज को पिछड़ी जाति (ओबीसी) में शामिल करने के लिए अखिल भारतीय खंगार समाज ने सीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया कि प्रदेश के कई जनपदों में खंगार/खांगर जाति निवास करती है।
विज्ञापन

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के बाद भी समाज पिछड़ा है, लेकिन आरक्षण के लाभ से वंचित हैं, जबकि प्रदेश में 95 फीसदी समाज के लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। समाज के लोग लंबे समय से पिछड़ी जाति की सूची में शामिल करने की मांग कर रहे, लेकिन अब तक किसी सरकार ने सुध नहीं ली।
विज्ञापन

सपा शासन में भी राज्य पिछड़ा आयोग ने खंगार/खांगर जाति को आरक्षण देने की संस्तुति की थी, फिर भी कोई तवज्जो नहीं मिली, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान में एससी और बिहार में ओबीसी का लाभ समाज को मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन प्रदेशों में रहने वाले स्वजातियों का सामाजिक स्तर सुधर गया है। उत्तर प्रदेश में भी 95 फीसदी खंगार समाज के लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। पूर्व में आयोग द्वारा कराए गए सर्वे रिपोर्ट इसकी गवाह है। यह भी कहा कि अब समाज के लोग भाजपा सरकार से आस लगाए हैं।

सीएम से शीघ्र जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का अनुरोध किया है। अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह खंगार व जिला सह संयोजक कृष्ण किशोर सिंह ने की। इस मौके पर यशवंत सिंह, ज्ञान प्रताप, नवल किशोर, बालाजी, बबलू सिंह, संदीप सिंह, लालाराम, रामकिशोर सिंह खंगार, भोला सिंह खंगार, लक्ष्मण प्रसाद, अरुण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed