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संसाधनों से लैस स्कूल ही बनेंगे बोर्ड परीक्षा केंद्र
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार परीक्षा केंद्रों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मेरिट तैयार होगी। प्रधानाचार्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन ब्योरे का सत्यापन किया जा रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछले साल जनपद में 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार सभी इंटर कॉलेजों से पिछले माह विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा मांगा था। इसमें विद्यालय की स्थिति, छात्र क्षमता, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, बिजली कनेक्शन, पेयजल, शौचालय, सड़क मार्ग, कंप्यूटर कक्षा आदि सुविधाएं आदि शामिल हैं। इसी आधार पर विद्यालयों को अंक निर्धारित किए जाएंगे।
सीसीटीवी कैमरे वाले स्कूलों को वरीयता दी जाएगी। सभी कक्षाओं में कैमरे लगे होने पर ज्यादा अंक मिलेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद में प्रधानाचार्यों की ओर से दिए गए संसाधनों के ब्योरे का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी ने फर्जी सूचना दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद परीक्षा केंद्र के लिए राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची तैयार की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने के बाद भी इस साल केंद्रों की संख्या कम हो सकती है।
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-विद्यालयों से मांगी गई संसाधनों की सूची
-संसाधनों के आधार पर तैयार होगी मेरिट
-फर्जी सूचना देने पर होगी कार्रवाई
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बांदा। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार परीक्षा केंद्रों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मेरिट तैयार होगी। प्रधानाचार्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन ब्योरे का सत्यापन किया जा रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछले साल जनपद में 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार सभी इंटर कॉलेजों से पिछले माह विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा मांगा था। इसमें विद्यालय की स्थिति, छात्र क्षमता, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, बिजली कनेक्शन, पेयजल, शौचालय, सड़क मार्ग, कंप्यूटर कक्षा आदि सुविधाएं आदि शामिल हैं। इसी आधार पर विद्यालयों को अंक निर्धारित किए जाएंगे।
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सीसीटीवी कैमरे वाले स्कूलों को वरीयता दी जाएगी। सभी कक्षाओं में कैमरे लगे होने पर ज्यादा अंक मिलेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद में प्रधानाचार्यों की ओर से दिए गए संसाधनों के ब्योरे का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी ने फर्जी सूचना दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद परीक्षा केंद्र के लिए राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची तैयार की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने के बाद भी इस साल केंद्रों की संख्या कम हो सकती है।
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-संसाधनों के आधार पर तैयार होगी मेरिट
-फर्जी सूचना देने पर होगी कार्रवाई