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बिना बताए 55 हजार किसानों की काट ली बीमा किस्त

Mon, 29 Aug 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा Updated Mon, 29 Aug 2016 11:36 PM IST
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55 thousand farmers without informing deducted premium
किसान

बांदा। फसलों का बीमा देने में किसानों के साथ धोखाधड़ी और झांसा देने वाले कृषि विभाग और बैंकों ने फिर किसानों के साथ खेल किया है। सूखा और बाढ़ की मार झेल रहे 55 हजार किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के खातों से बीमा किस्त काटकर अपनी पीठ थपथपा ली। इन किसानों को इसकी भनक भी नहीं लगी। दूसरी तरफ केसीसी न बनवाने वाले करीब आठ लाख किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया।

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केंद्र सरकार ने इसी साल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है। कृषि विभाग के रिकार्ड में चित्रकूटधाम मंडल में करीब 9 लाख किसान पंजीकृत हैं। खरीफ सीजन की फसलों के बीमा प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त थी।
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कृषि विभाग और बैंकों ने योजना का ठीक से प्रचार-प्रसार नहीं किया। इससे जिले के ज्यादातर किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से महरूम रह गए। केसीसी धारक 55,261 किसानों के खातों से बैंकों ने बीमा की प्रीमियम काट ली। उनकी बीमित फसल का आधा प्रीमियम (2 फीसदी) काटा गया है, बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार देगी। फसल का नुकसान होने पर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड किसानों को मुआवजा देगी।  
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इनसेट....
सबसे महंगा बीमा धान का
बांदा। सरकार ने मंडल में धान की उपज का मूल्य 47,007 रुपये हेेक्टेयर माना है। इसमें दो फीसदी यानी करीब 940 रुपये किसान के खाते से प्रीमियम काटा गया है। दैवी आपदा में फसल पूरी तरह नष्ट होने पर बीमा कंपनी प्रति हेक्टेयर 47,007 रुपये क्लेम देगी। ऐसे ही प्रति हेक्टेयर मक्का की उपज का मूल्य 21,403 रुपये माना गया है।

इसमें भी किसानों को दो फीसदी यानी करीब 428 रुपये प्रीमियम देना है। जिले में धान, मक्का के अलावा बाजरा, ज्वार, उड़द, तिल, मूंगफली, गन्ना, अरहर की फसलें शामिल हैं। फसल क्षतिपूर्ति की रिपोर्ट लेखपाल बनाएंगे।


प्रधानमंत्री फसल बीमा में खरीफ सीजन में करीब 60 हजार किसान ही जुड़े हैं। प्रगति तो धीमी है। निजी स्तर पर किसानों का आवेदन न आना और किसानों की तादाद के मुताबिक योजना से न जुड़ पाना चिंता का विषय है। रबी की फसलों में इस ओर विशेष प्रयास किए जाएंगे।

                        गणेश मणि त्रिपाठी, संयुक्त कृषि निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल

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