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34 फीसदी लोगों ने नहीं लगवाई वैक्सीन की दूसरी डोज
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बांदा। कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीन की पहली डोज लेने वालों में लगभग 34 फीसदी लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। वैक्सीन की दूसरी डोज न लगवाने वालों को लेकर स्वास्थ्य विभाग खासा परेशान हैं। उन्हें संदेश भेजकर अलर्ट किया जा रहा है। बूथों पर टीकाकरण के लिए बुलाया जा रहा है, फिर भी लोग दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंच रहे।
कोरोना महामारी को मात देने के लिए सरकार ने कई चरणों में जोरशोर से टीकाकरण अभियान शुरू किए। कोरोना की दूसरी लहर में जनहानि ज्यादा होने पर लोग दहशत में थे। बुजुर्गों को वैक्सीन लगने के बाद 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों के टीेकाकरण की शुरुआत हुई तो वैक्सीन सेंटरों पर भीड़ उमड़ने लगी। लंबी लाइनें लग गईं। वैक्सीन कम पड़ने लगी। इनमें सबसे ज्यादा तादाद युवाओं की थी। इस दौरान पहली डोज लेने वाले वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना ही भूल गए।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 7 लाख 6 हजार 778 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें एक लाख 49 हजार 868 लोगों ने दूसरी डोज भी लगवा ली। 2 लाख 35 हजार 883 लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई। ये वैक्सीन लगवाने के लिए बूथों पर नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि उनके मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। शासन के आदेश हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले टीकाकरण पूरा कर लिया जाए। दूसरी डोज लगवाने के लिए भी साफ निर्देश हैं। लेकिन लोगों की यह बेपरवाही भारी पड़ सकती है।
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दूसरी डोज में मौसमी बीमारियां आड़े आईं
बांदा। उप मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि दूसरी डोज लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। गांव स्तर पर कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है, जिससे वैक्सीनेशन कार्य पूरा हो सके। उन्होंने बताया कि दूसरी डोज न लगवाने के पीछे बड़ी वजह मौसमी बीमारियां हैं। ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम आदि मर्जों से पीड़ित लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे हैं। तमाम लोग बाहर चले गए। इसकी वजह से परेशानी हो रही है।
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कोरोना महामारी को मात देने के लिए सरकार ने कई चरणों में जोरशोर से टीकाकरण अभियान शुरू किए। कोरोना की दूसरी लहर में जनहानि ज्यादा होने पर लोग दहशत में थे। बुजुर्गों को वैक्सीन लगने के बाद 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों के टीेकाकरण की शुरुआत हुई तो वैक्सीन सेंटरों पर भीड़ उमड़ने लगी। लंबी लाइनें लग गईं। वैक्सीन कम पड़ने लगी। इनमें सबसे ज्यादा तादाद युवाओं की थी। इस दौरान पहली डोज लेने वाले वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना ही भूल गए।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 7 लाख 6 हजार 778 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें एक लाख 49 हजार 868 लोगों ने दूसरी डोज भी लगवा ली। 2 लाख 35 हजार 883 लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई। ये वैक्सीन लगवाने के लिए बूथों पर नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि उनके मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। शासन के आदेश हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले टीकाकरण पूरा कर लिया जाए। दूसरी डोज लगवाने के लिए भी साफ निर्देश हैं। लेकिन लोगों की यह बेपरवाही भारी पड़ सकती है।
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दूसरी डोज में मौसमी बीमारियां आड़े आईं
बांदा। उप मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि दूसरी डोज लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। गांव स्तर पर कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है, जिससे वैक्सीनेशन कार्य पूरा हो सके। उन्होंने बताया कि दूसरी डोज न लगवाने के पीछे बड़ी वजह मौसमी बीमारियां हैं। ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम आदि मर्जों से पीड़ित लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे हैं। तमाम लोग बाहर चले गए। इसकी वजह से परेशानी हो रही है।