{"_id":"57867fbd4f1c1b027d13eeaf","slug":"24-884-bogus-voters-in-municipalities","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निकायों में 24,884 मतदाता फर्जी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निकायों में 24,884 मतदाता फर्जी
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:21 PM IST
विज्ञापन
स्थानीय निकाय निर्वाचक सूची पुनरीक्षण अभियान में लगे बीएलओ की बैठक।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। नगर निकाय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में 24,884 फर्जी मतदाता पाए गए हैं। इन्हें सूची से खारिज किया जा रहा है। सबसे ज्यादा फर्जी मतदाता बांदा शहर में हैं। एडीएम ने मतदाता और जनसंख्या का अनुपात मानक के अनुसार न पाए जाने पर पुनरीक्षण अभियान में लगे अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बुधवार सदर तहसील सभागार में पुनरीक्षण में लगे कर्मचारियों की बैठक में समीक्षा की गई।
जिले में दो नगर पालिका परिषद बांदा व अतर्रा और छह नगर पंचायतें हैं। इन सब में कुल 2,28,062 मतदाता दर्ज हैं। माह भर से चल रहे पुनरीक्षण अभियान में ज्यादातर मतदाताओं के नाम नगर निकाय के अलावा विधानसभा क्षेत्रों में भी दर्ज पाए गए हैं। थे। इनमें कुछ ऐसे नाम भी दर्ज हैं जो शहर छोड़कर बाहर जा चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है।
निर्वाचन अधिकारी गंगाराम गुप्ता ने जनसंख्या और मतदाताओं के अनुपात की गड़बड़ी पर नाराजगी जाहिर की है। अतर्रा में यह अनुपात 87.69, बांदा में 79.48, मटौंध में 79.92, तिंदवारी में 82.89, बबेरू में 82.66,नरैनी में 71.17, ओरन में 86.36 और बिसंडा नगर पंचायत में 81.56 है। जबकि मानक के मुताबिक 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए।
विज्ञापन
एडीएम ने बीएलओ, पर्यवेक्षक, सेक्टर आफीसर और अधिशाषी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपते हुए जनसंख्या और मतदाताओं का अनुपात कम करने को कहा है। मानक से ज्यादा अनुपात पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निर्वाचन अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एडीएम ने बीएलओ व पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि अपना मोबाइल फोन हमेशा खुला रखें। डीएम हर रोज पुनरीक्षण कार्य की प्रगति समीक्षा कर रहे हैं। यदि मोबाइल बंद मिला या प्रगति धीमी मिली तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
जिले में दो नगर पालिका परिषद बांदा व अतर्रा और छह नगर पंचायतें हैं। इन सब में कुल 2,28,062 मतदाता दर्ज हैं। माह भर से चल रहे पुनरीक्षण अभियान में ज्यादातर मतदाताओं के नाम नगर निकाय के अलावा विधानसभा क्षेत्रों में भी दर्ज पाए गए हैं। थे। इनमें कुछ ऐसे नाम भी दर्ज हैं जो शहर छोड़कर बाहर जा चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है।
विज्ञापन
निर्वाचन अधिकारी गंगाराम गुप्ता ने जनसंख्या और मतदाताओं के अनुपात की गड़बड़ी पर नाराजगी जाहिर की है। अतर्रा में यह अनुपात 87.69, बांदा में 79.48, मटौंध में 79.92, तिंदवारी में 82.89, बबेरू में 82.66,नरैनी में 71.17, ओरन में 86.36 और बिसंडा नगर पंचायत में 81.56 है। जबकि मानक के मुताबिक 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए।
विज्ञापन
एडीएम ने बीएलओ, पर्यवेक्षक, सेक्टर आफीसर और अधिशाषी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपते हुए जनसंख्या और मतदाताओं का अनुपात कम करने को कहा है। मानक से ज्यादा अनुपात पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निर्वाचन अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एडीएम ने बीएलओ व पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि अपना मोबाइल फोन हमेशा खुला रखें। डीएम हर रोज पुनरीक्षण कार्य की प्रगति समीक्षा कर रहे हैं। यदि मोबाइल बंद मिला या प्रगति धीमी मिली तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।