{"_id":"60e9df948ebc3ea6e3726a76","slug":"23-536-cases-settled-in-national-lok-adalat-banda-news-knp6394358173","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 23,536 मुकदमे निपटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 23,536 मुकदमे निपटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के बाद 23 हजार 536 मुकदमों का निपटारा हो गया। इनमें 23 हजार 611 लोग जुड़े हुए थे। विभिन्न अदालतों ने 3,10,280 रुपये जुर्माना किया। 57,20,000 रुपये मोटर एक्सीडेंट क्लेम दिलाया गया।
जजी परिसर में शनिवार को लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज गजेंद्र कुमार ने किया। अध्यक्षता भी उन्हीं के द्वारा की गई। उन्होंने 11 मुकदमे सुलह समझौते से निपटाए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने 14 मुकदमों में 57 लाख 20 हजार रुपये पीड़ित पक्षों को बीमा कंपनियों से दिलाए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नीरज कुमार ने 14 दंपतियों के बीच सुलह कराकर उन्हें एक साथ विदा किया।
प्रथम एडीजे अशरफ अंसारी ने एक और एडीजे (पाक्सो एक्ट) मो. रिजवान अहमद ने दो मुकदमों का निस्तारण किया। एडीजे (एससीएसटी एक्ट) रामचंद्र यादव ने एक, एडीजे (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बलराज सिंह ने तीन, एडीजे (ईसी एक्ट) कमरुज्जमा खां ने बिजली अधिनियम के 105 मुकदमों का निपटारा किया। त्वरित न्यायाधीश प्रथम नुपुर ने तीन और एडीजे द्वितीय ऋषि कुमार ने दो मुकदमों का निस्तारण किया।
विज्ञापन
सीजेएम भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने सबसे ज्यादा 310 मामले निपटाते हुए एक लाख 68 हजार 300 रुपये जुर्माना किया। एसीजेएम रेलवे प्रेम बहादुर सिंह ने 254 मुकदमों में 90 हजार 770 रुपये जुर्माना करते हुए निपटाया। सिविल जज अनुजा सिंह ने 45 केस में 9200 रुपये जुर्माना और 17 लाख 14 हजार 397 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए।
बबेरू सिविल जज सौरभ आनंद ने 65 वाद निस्तारित करते हुए 25 हजार 700 रुपये जुर्माना, सिविल जज (अतर्रा) नितिन सिंह ने 26 केसों में 12 हजार 660 रुपये जुर्माना किया। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम सौम्या मिश्रा ने 4, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय शालिनी ने 9, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी प्रथम मनीषा साहू ने 13, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी कंचन ने 4 केस सुलह समझौते से निपटाए। 800 रुपये जुर्माना किया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर तिवारी ने एनआई एक्ट के 6 मुकदमे निपटाकर 5 लाख 11 हजार रुपये आरोपित किए।
बैंकों ने 7.60 करोड़ वसूले
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों ने अपने बकायेदारों से 7 करोड़ 60 लाख 58 हजार 700 रुपये वसूले। बीएसएनएल ने भी 60 वाद निस्तारित करके 79,078 रुपये वसूल किए। राजस्व विभाग की अदालतों में 21 हजार 536, श्रम विभाग में 2, केन केनाल में 6, पोस्ट आफिस के 5 और नगर पालिका, बांदा के 682 केसों का निपटारा हुआ।
विज्ञापन
जजी परिसर में शनिवार को लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज गजेंद्र कुमार ने किया। अध्यक्षता भी उन्हीं के द्वारा की गई। उन्होंने 11 मुकदमे सुलह समझौते से निपटाए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने 14 मुकदमों में 57 लाख 20 हजार रुपये पीड़ित पक्षों को बीमा कंपनियों से दिलाए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नीरज कुमार ने 14 दंपतियों के बीच सुलह कराकर उन्हें एक साथ विदा किया।
विज्ञापन
प्रथम एडीजे अशरफ अंसारी ने एक और एडीजे (पाक्सो एक्ट) मो. रिजवान अहमद ने दो मुकदमों का निस्तारण किया। एडीजे (एससीएसटी एक्ट) रामचंद्र यादव ने एक, एडीजे (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बलराज सिंह ने तीन, एडीजे (ईसी एक्ट) कमरुज्जमा खां ने बिजली अधिनियम के 105 मुकदमों का निपटारा किया। त्वरित न्यायाधीश प्रथम नुपुर ने तीन और एडीजे द्वितीय ऋषि कुमार ने दो मुकदमों का निस्तारण किया।
विज्ञापन
सीजेएम भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने सबसे ज्यादा 310 मामले निपटाते हुए एक लाख 68 हजार 300 रुपये जुर्माना किया। एसीजेएम रेलवे प्रेम बहादुर सिंह ने 254 मुकदमों में 90 हजार 770 रुपये जुर्माना करते हुए निपटाया। सिविल जज अनुजा सिंह ने 45 केस में 9200 रुपये जुर्माना और 17 लाख 14 हजार 397 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए।
बबेरू सिविल जज सौरभ आनंद ने 65 वाद निस्तारित करते हुए 25 हजार 700 रुपये जुर्माना, सिविल जज (अतर्रा) नितिन सिंह ने 26 केसों में 12 हजार 660 रुपये जुर्माना किया। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम सौम्या मिश्रा ने 4, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय शालिनी ने 9, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी प्रथम मनीषा साहू ने 13, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी कंचन ने 4 केस सुलह समझौते से निपटाए। 800 रुपये जुर्माना किया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर तिवारी ने एनआई एक्ट के 6 मुकदमे निपटाकर 5 लाख 11 हजार रुपये आरोपित किए।
बैंकों ने 7.60 करोड़ वसूले
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों ने अपने बकायेदारों से 7 करोड़ 60 लाख 58 हजार 700 रुपये वसूले। बीएसएनएल ने भी 60 वाद निस्तारित करके 79,078 रुपये वसूल किए। राजस्व विभाग की अदालतों में 21 हजार 536, श्रम विभाग में 2, केन केनाल में 6, पोस्ट आफिस के 5 और नगर पालिका, बांदा के 682 केसों का निपटारा हुआ।