फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   ऋण माफी की आनलाइन शिकायतों को नहीं मिली तवज्जो

ऋण माफी की आनलाइन शिकायतों को नहीं मिली तवज्जो

Thu, 23 Nov 2017 11:42 PM IST
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:42 PM IST
विज्ञापन
ऋण माफी की आनलाइन शिकायतों को नहीं मिली तवज्जो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बांदा। किसानों के लिए प्रदेश सरकार की कर्जमाफी योजना के प्रति अफसरों की लापरवाही उजागर हुई है। कर्ज माफी के लिए पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदेश सरकार के पोर्टल पर आनलाइन शिकायतें की हैं लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर तवज्जो नहीं दे रहे। पोर्टल पर 62,512 शिकायतें की गईं हैं। इनमें सिर्फ 15 फीसदी का ही निस्तारण हुआ है। बुंदेलखंड में तो और ज्यादा अनदेखी की गई है। यहां हुई 4,963 शिकायतों में एक भी निस्तारण नहीं किया गया है। प्रदेश के कृषि निदेशक ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर शिकायतें निपटाने को कहा है।

प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई फसल ऋण मोचन (कर्ज माफी) योजना को लेकर किसानों ने चौतरफा शिकायतों की झड़ी लगा दी है। कहीं लापरवाही तो कहीं संबंधित कर्मचारियों द्वारा गलत रिपोर्ट देने की शिकायतें की गईं हैं। जिला स्तर पर की गई शिकायतों की संख्या काफी अधिक और अलग हैं। प्रदेश के कृषि निदेशक सोराज सिंह ने 20 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में शासन द्वारा की गई समीक्षा का हवाला दिया है। पत्र के मुताबिक अधिकांश जिलों में एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं किया गया। निस्तारण न होने से योजना का समुचित विकास किसानों को नहीं मिल पाएगा और उनमें योजना के प्रति गलत संदेश जाएगा।
विज्ञापन


पत्र के साथ पोर्टल पर आनलाइन की गईं शिकायतों और उनके निस्तारण की जनपदवार संख्या भी दी है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 62,512 आनलाइन शिकायतें हुई हैं। निस्तारण किसी का नहीं हुआ है। जबकि अर्हता वाले किसानों की संख्या तीन हजार से ज्यादा है। सूखा प्रभावित बुंदेलखंड में भी किसानों की शिकायतों को नजर अंदाज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुंदेलखंड के सातों जनपदों में ऋण माफी योजना की पोर्टल पर की गई आनलाइन शिकायतों में महोबा सबसे ज्यादा है। यहां 1781 शिकायतें भेजी गई हैं। दूसरे नंबर पर हमीरपुर है। यहां 1567 शिकायतें हुई हैं। तीसरा नंबर चित्रकूट का है जहां 582 शिकायतें की गईं हैं। चौथे पर जालौन जनपद है। यहां 402 शिकायतें आनलाइन की गईं हैं। बांदा जनपद में 213 शिकायतें की गईं हैं। झांसी में 370 और सबसे कम 48 शिकायतें ललितपुर में हुई हैं। बुंदेलखंड के इन सभी जनपदों में एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हुआ है।


ऋण माफी योजना की आनलाइन शिकायतों की प्रदेश स्तर पर नजर डाली जाए तो सबसे ज्यादा 8,829 शिकायतें सहारनपुर में हैं। बुलंदशहर 3879, मथुरा में 3634, खीरी में 3477, एटा में 3132, मेरठ में 2959, बदायूं में 2461, रामपुर में 2452, बिजनौर में 2045, अलीगढ़ में 1611, अंबेडकर नगर में 1511, बरेली में 1530, उन्नाव में 1339, बाराबंकी में 1160, फिरोजाबाद में 1048, हाथरस में 1643, कासगंज में 1371, पीलीभीत 1136 शिकायतें हुईं हैं। सबसे कम मात्र 15 शिकायतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और फर्रुखाबाद में हुईं हैं। राजधानी लखनऊ में 17 शिकायतें हुईं और उनका भी निस्तारण नहीं हुआ।

-बुंदेलखंड में 4963 शिकायतों में एक का भी निस्तारण नहीं
-प्रदेश के कृषि निदेशक ने जिलाधिकारियों को किया आगाह
-पूरे प्रदेश में आनलाइन शिकायतों की जबर्दस्त अनदेखी
-बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा शिकायतें महोबा से
-लखनऊ और पीएम के क्षेत्र बनारस में भी निस्तारण नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed