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शिक्षकों का मानदेय रोककर सरकार ने किया अपमान
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। वित्तविहीन शिक्षक अधिकार जागरूक यात्रा की बाइक रैली के गुरुवार को यहां पहुंचने पर शिक्षकों ने अगुवानी की। यात्रा में शामिल टीम ने मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। कहा कि प्रदेश सरकार ने मानदेय रोककर 1,92,123 शिक्षकों का अपमान किया है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी उमेश द्विवेदी की अगुवाई में 21 अगस्त को वाराणसी से बाइक जागरूकता रैली निकाली गई। गुरुवार को रैली का अतर्रा चुंगी में स्वागत हुआ। कलक्ट्रेट आकर डीएम को मांग पत्र सौंपा। एमएलसी ने कहा कि शिक्षकों को संगठित करने की मंशा से रैली निकाली गई है। चार दिसंबर को लखनऊ के महासम्मेलन में प्रदेश सरकार को ताकत का एहसास कराएंगे। गुरुजनों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सड़क से सदन तक लड़ेंगे।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी (बरेली-मुरादाबाद) संजय कुमार मिश्र ने रोष जताया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के पेट में लात मारने का काम किया है, जिसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने बताया कि 75 जिलों का भ्रमण कर शिक्षकों को संगठित किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामस्वरूप साहू, संजय त्रिपाठी, प्रकाश मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, भारतभूषण, प्रदीप निगम, शिवलाल साहू, धीरेंद्र सिंह, पंकज पांडेय, रणविजय पाल, धीरज, सुनील सिंह, हिमांशु, रोहित, भानुप्रताप, जयपाल, बैजनाथ सिंह, मोहित आदि मौजूद रहे।
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-लखनऊ में चार दिसंबर को वित्तविहीन शिक्षकों की रैली
-शिक्षकों को संगठित करने के लिए निकली बाइक यात्रा
बांदा। वित्तविहीन शिक्षक अधिकार जागरूक यात्रा की बाइक रैली के गुरुवार को यहां पहुंचने पर शिक्षकों ने अगुवानी की। यात्रा में शामिल टीम ने मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। कहा कि प्रदेश सरकार ने मानदेय रोककर 1,92,123 शिक्षकों का अपमान किया है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी उमेश द्विवेदी की अगुवाई में 21 अगस्त को वाराणसी से बाइक जागरूकता रैली निकाली गई। गुरुवार को रैली का अतर्रा चुंगी में स्वागत हुआ। कलक्ट्रेट आकर डीएम को मांग पत्र सौंपा। एमएलसी ने कहा कि शिक्षकों को संगठित करने की मंशा से रैली निकाली गई है। चार दिसंबर को लखनऊ के महासम्मेलन में प्रदेश सरकार को ताकत का एहसास कराएंगे। गुरुजनों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सड़क से सदन तक लड़ेंगे।
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कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी (बरेली-मुरादाबाद) संजय कुमार मिश्र ने रोष जताया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के पेट में लात मारने का काम किया है, जिसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने बताया कि 75 जिलों का भ्रमण कर शिक्षकों को संगठित किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामस्वरूप साहू, संजय त्रिपाठी, प्रकाश मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, भारतभूषण, प्रदीप निगम, शिवलाल साहू, धीरेंद्र सिंह, पंकज पांडेय, रणविजय पाल, धीरज, सुनील सिंह, हिमांशु, रोहित, भानुप्रताप, जयपाल, बैजनाथ सिंह, मोहित आदि मौजूद रहे।
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-लखनऊ में चार दिसंबर को वित्तविहीन शिक्षकों की रैली
-शिक्षकों को संगठित करने के लिए निकली बाइक यात्रा