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नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा
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बांदा। नगर पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष व उनके पति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 12 सदस्यों में से 10 ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अध्यक्ष पति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
लामबंद नगर पंचायत सदस्य बुधवार को तहसील परिसर पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ओममणि वर्मा के पति पवन कुमार वर्मा अतर्रा तहसील में स्टेनो हैं। आरोप लगाया कि अध्यक्ष पति ठेकेदार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हर काम में उनके द्वारा हस्तक्षेप किया जाता है। डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में अंत्येष्टि मरम्मत कार्य, कंबल वितरण, पिंक शौचालय, बिजली उपकरण आपूर्ति, आउट सोर्सिंग कर्मियों की भर्ती समेत सभी कार्य ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे हैं।
पिंक शौचालय और बिजली सामग्री आपूर्ति में भारी भ्रष्टाचार किया गया। आउट सोर्सिंग कर्मियों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन देने वाले सदस्यों में फकरुद्दीन, रावेंद्र कुमार गौतम, रामनरेश, सीमित गुप्ता, दिलीप पांडेय, संगीता, अवधेश कुमार, कलावती, रामप्यारी व सावित्री शामिल रहीं। एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, अध्यक्ष पति पवन कुमार वर्मा ने आरोपों को गलत बताया है। कहा है कि टेंडर प्रक्रिया खुलेआम की जाती है। 10 लाख से अधिक वाले कार्यों की ई-टेंडरिंग होती है। महिला वार्ड सदस्यों के पति और पुत्र अध्यक्ष के काम में हस्तक्षेप करते हैं।
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लामबंद नगर पंचायत सदस्य बुधवार को तहसील परिसर पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ओममणि वर्मा के पति पवन कुमार वर्मा अतर्रा तहसील में स्टेनो हैं। आरोप लगाया कि अध्यक्ष पति ठेकेदार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हर काम में उनके द्वारा हस्तक्षेप किया जाता है। डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में अंत्येष्टि मरम्मत कार्य, कंबल वितरण, पिंक शौचालय, बिजली उपकरण आपूर्ति, आउट सोर्सिंग कर्मियों की भर्ती समेत सभी कार्य ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे हैं।
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पिंक शौचालय और बिजली सामग्री आपूर्ति में भारी भ्रष्टाचार किया गया। आउट सोर्सिंग कर्मियों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन देने वाले सदस्यों में फकरुद्दीन, रावेंद्र कुमार गौतम, रामनरेश, सीमित गुप्ता, दिलीप पांडेय, संगीता, अवधेश कुमार, कलावती, रामप्यारी व सावित्री शामिल रहीं। एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, अध्यक्ष पति पवन कुमार वर्मा ने आरोपों को गलत बताया है। कहा है कि टेंडर प्रक्रिया खुलेआम की जाती है। 10 लाख से अधिक वाले कार्यों की ई-टेंडरिंग होती है। महिला वार्ड सदस्यों के पति और पुत्र अध्यक्ष के काम में हस्तक्षेप करते हैं।
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