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25 लोगों को दो-दो शौचालय आवंटित
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:29 PM IST
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बांदा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गांव में बनवाए जा रहे शौचालयों में एक और धांधली सामने आई है। एक तरफ जहां बड़ी तादाद में तमाम परिवार शौचालय विहीन हैं तो दूसरी तरफ संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से कई परिवारों को दो-दो शौचालय दे दिए गए हैं। फौरीतौर पर ऐसी बानगी बड़ोखर ब्लाक के छनेहरा लालपुर गांव में उजागर हुई है। डीएम ने सीडीओ को जांच कराने के आदेश दिए हैं।
छनेहरा लालपुर के मामले में उजागर हुआ है कि वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 दो वित्तीय वर्षों में यहां लगभग 25 लाभार्थियों को दो-दो शौचालय आवंटित कर दिए गए। उन्हें शौचालय निर्माण की पूरी धनराशि भी दे दी गई। 12 हजार रुपये प्रति शौचालनय की दर से इन लाभार्थियों को दो शौचालय के लिए 24 हजार रुपये दे दिए गए, यानी 25 लाभार्थियों को 6 लाख रुपये दे दिए गए। गांव के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो डीएम हीरा लाल ने मुख्य विकास अधिकारी को इसकी जांच कराने के आदेश दिए हैं।
सीडीओ बोले-अभी संज्ञान में नहीं
सीडीओ हीरालाल का कहना है कि डीएम द्वारा दिए गए जांच के आदेश उन्हें अभी नहीं मिले हैं। न ही उनकी जानकारी में यह मामला आया है। ऐसा हुआ है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित लोगों से रिकवरी होगी। उधर, बीडीओ रजनीश कुमार शुक्ला ने भी यही कहा।
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गलती का ठीकरा कंप्यूटर पर फोड़ा
बांदा। ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव राजबहादुर कुशवाहा का कहना है कि कंप्यूटर की गलती से लाभार्थियों के नाम डबल फीड हो गए हैं। वे इन्हें दुरुस्त करा रहे थे, तभी उनका तबादला दूसरी ग्राम पंचायत में कर दिया गया है। ब्यूरो
शौचालय डबल हुए, पर पैसा नहीं दिया
छनेहरा ग्राम प्रधान कुसुमकली का कहना है कि वर्ष 2017 में मनरेगा से 25 शौचालय दिए गए थे। बजट न होने से लाभार्थी को पैसा नहीं मिला। बाद में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय आवंटित कर दिए गए। इसी वजह से लाभार्थियों के नाम सूचियों में डबल हो गए।
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छनेहरा लालपुर के मामले में उजागर हुआ है कि वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 दो वित्तीय वर्षों में यहां लगभग 25 लाभार्थियों को दो-दो शौचालय आवंटित कर दिए गए। उन्हें शौचालय निर्माण की पूरी धनराशि भी दे दी गई। 12 हजार रुपये प्रति शौचालनय की दर से इन लाभार्थियों को दो शौचालय के लिए 24 हजार रुपये दे दिए गए, यानी 25 लाभार्थियों को 6 लाख रुपये दे दिए गए। गांव के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो डीएम हीरा लाल ने मुख्य विकास अधिकारी को इसकी जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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सीडीओ बोले-अभी संज्ञान में नहीं
सीडीओ हीरालाल का कहना है कि डीएम द्वारा दिए गए जांच के आदेश उन्हें अभी नहीं मिले हैं। न ही उनकी जानकारी में यह मामला आया है। ऐसा हुआ है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित लोगों से रिकवरी होगी। उधर, बीडीओ रजनीश कुमार शुक्ला ने भी यही कहा।
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गलती का ठीकरा कंप्यूटर पर फोड़ा
बांदा। ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव राजबहादुर कुशवाहा का कहना है कि कंप्यूटर की गलती से लाभार्थियों के नाम डबल फीड हो गए हैं। वे इन्हें दुरुस्त करा रहे थे, तभी उनका तबादला दूसरी ग्राम पंचायत में कर दिया गया है। ब्यूरो
शौचालय डबल हुए, पर पैसा नहीं दिया
छनेहरा ग्राम प्रधान कुसुमकली का कहना है कि वर्ष 2017 में मनरेगा से 25 शौचालय दिए गए थे। बजट न होने से लाभार्थी को पैसा नहीं मिला। बाद में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय आवंटित कर दिए गए। इसी वजह से लाभार्थियों के नाम सूचियों में डबल हो गए।