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Banda News: तीन साल में मारे गए 12 तेंदुए और बाघ

Tue, 14 Mar 2023 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Mar 2023 12:13 AM IST
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12 leopards and tigers killed in three years
चित्रकूट। यूपी-एमपी क्षेत्र में आबाद जंगल को रानीपुर टाइगर रिजर्व पार्क तो बना दिया, लेकिन जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। यही कारण है कि कभी ये शिकारियों तो कभी हादसे का शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि तीन साल में 12 तेंदुए और बाघों की मौत हो चुकी है।
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पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अन्य जिलों से तेंदुए, बाघ लाकर रानीपुर टाइगर रिजर्व और पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़े जाते हैं। सात साल में वन विभाग ने इन क्षेत्रों में छह तेंदुए और बाघ लाकर छोड़े, लेकिन ये ज्यादा दिन तक नहीं जी सके। किसी की करंट से शिकार से तो किसी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।
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रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र मेें घने जंगल होने के कारण अन्य जिले में पकड़े जाने वाले तेंदुए और बाघ यहां लाकर छोड़ दिए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से इनकी मौतें होती रहती हैं। चार साल पहले गढ़चपा के जंगल में एक तेंदुए को शिकारियों ने मार दिया था। इसके बाद निही के जंगल में तेंदुए का शिकार किया गया। इसी तरह जंगल में इनके शव मिलते रहे हैं।
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मारे गए तेंदुए और बाघ
1. 5 मार्च 2020 को मानिकपुर सरैंया क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
2. 14 फरवरी 2021 सभागंज के जंगल में तेंदुए का शिकार।
3. 16 फरवरी 2021 को पाल देव सरर्किल में तेंदुए का शिकार।
4. 11 मई 2021 को गोरसरी पहाड़ पर दो तेंदुए मृत मिले।
5. 15 अक्टूबर 2021 मझगवा क्षेत्र में बाघ का शिकार।
6. 9 दिसंबर 2021 को मझगवा चित्रकूट क्षेत्र तेंदुए का शिकार।
7. 30 मई 2022 को चकरा नाले के पास तेंदुए का शिकार।
8. 1 जून 2022 को उंचोहरा क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
9- 27 जनवरी 2023 को सखौवा में तेंदुए का शिकार।
10- 17 फरवरी 2023 को रानीपुर वन क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
11- 12 मार्च 2023 को इटवा डुडैला रेल मार्ग पर तेंदुए की मौत।

इनसेट...
रेल लाइन किनारे बैरीकेटिंग का प्रस्ताव अधूरा
यूपी-एमपी के जंगलों में रहने वाले जानवरों को ट्रेनों की चपेट में आने से बचाने के लिए दो साल पहले रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रेल लाइन के किनारे बैरीकेटिंग लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। तत्कालीन डीएफओ कैलाश प्रकाश और आरके दीक्षित ने प्रस्ताव भी बनवाया था, लेकिन अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई काम नहीं हुआ है।


इनसेट
रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के उपनिदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 60 तेंदुए और बाघ हैं। इनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाते हैं। वन क्षेत्र से गुजरी लाइन से कॉशन पर ट्रेनें चलाने के लिए रेल अधिकारियों को पत्र लिखा जाता है। तेंदुओं और बाघों को बचाने के लिए जंगलों में कैमरे भी लगाए गए हैं। इनकी लोकेशन की जानकारी के लिए संकेतक लगाए जाते हैं। वन्य जीव के शिकार पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है। तीन साल में 10 से अधिक लोगों को शिकार के आरोप में पकड़ा गया है। (संवाद)
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