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बिना ब्लीचिंग जल संस्थान ने आपूर्ति किया पानी
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। ठेकेदार द्वारा आपूर्ति न किए जाने से मंडल मुख्यालय बांदा समेत कई गांवों के बाशिंदो को कई दिनों तक प्रदूषित पानी पीना पड़ा। अब आनन-फानन जल संस्थान ने हमीरपुर से ब्लीचिंग मंगाई है।
जल संस्थान द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी में ब्लीचिंग पाउडर नियमित रूप से मिलाया जाता है। ताकि नदी और कुओं आदि के पानी का प्रदूषण उपभोक्ताओं को बीमार न कर दे। लेकिन पिछले माह जल संस्थान को ब्लीचिंग आपूर्ति करने वाले ठेकेदार ने भुगतान न होने से आपूर्ति नहीं की। इस पर कई दिनों तक बिना ब्लीचिंग पानी की आपूर्ति की जाती रही। यह बात गुपचुप रखी गई।
शहर में पांच ओवरहेड टैंक (टंकी) और 31 कुओं से जलापूर्ति ोती है। प्रत्येक ओवरहेड टैंक में रोजाना 25 किलो और हरेक कुएं में एक किलो ब्लीचिंग पाउडर पड़ता है। लेकिन ठेकेदार द्वारा आपूर्ति न दिए जाने पर कई दिनों तक ब्लीचिंग नहीं मिलाई गई। उधर, बिना ब्लीचिंग का पानी देकर लाखों उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ किया गया। जिला अस्पताल के मेडिकल आफीसर डॉ.विनीत सचान का कहना है कि बिन ब्लीचिंग प्रदूषित पानी पानी से डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, लीवर में खराबी, दिमागी बुखार व पीलिया जैसे रोगों का खतरा हो सकता है। उधर, इस बारे में जल संस्थान अधिशासी अभियंता रतनलाल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा ब्लीचिंग आपूर्ति न करने से हमीरपुर से ब्लीचिंग मंगा ली गई है। आपूर्ति किए जा रहे पानी में नियमित रूप से मिलाई जा रही है।
बांदा। ठेकेदार द्वारा आपूर्ति न किए जाने से मंडल मुख्यालय बांदा समेत कई गांवों के बाशिंदो को कई दिनों तक प्रदूषित पानी पीना पड़ा। अब आनन-फानन जल संस्थान ने हमीरपुर से ब्लीचिंग मंगाई है।
जल संस्थान द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी में ब्लीचिंग पाउडर नियमित रूप से मिलाया जाता है। ताकि नदी और कुओं आदि के पानी का प्रदूषण उपभोक्ताओं को बीमार न कर दे। लेकिन पिछले माह जल संस्थान को ब्लीचिंग आपूर्ति करने वाले ठेकेदार ने भुगतान न होने से आपूर्ति नहीं की। इस पर कई दिनों तक बिना ब्लीचिंग पानी की आपूर्ति की जाती रही। यह बात गुपचुप रखी गई।
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शहर में पांच ओवरहेड टैंक (टंकी) और 31 कुओं से जलापूर्ति ोती है। प्रत्येक ओवरहेड टैंक में रोजाना 25 किलो और हरेक कुएं में एक किलो ब्लीचिंग पाउडर पड़ता है। लेकिन ठेकेदार द्वारा आपूर्ति न दिए जाने पर कई दिनों तक ब्लीचिंग नहीं मिलाई गई। उधर, बिना ब्लीचिंग का पानी देकर लाखों उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ किया गया। जिला अस्पताल के मेडिकल आफीसर डॉ.विनीत सचान का कहना है कि बिन ब्लीचिंग प्रदूषित पानी पानी से डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, लीवर में खराबी, दिमागी बुखार व पीलिया जैसे रोगों का खतरा हो सकता है। उधर, इस बारे में जल संस्थान अधिशासी अभियंता रतनलाल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा ब्लीचिंग आपूर्ति न करने से हमीरपुर से ब्लीचिंग मंगा ली गई है। आपूर्ति किए जा रहे पानी में नियमित रूप से मिलाई जा रही है।
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