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Banda News: सगी बहनें एक साल में हाफ़िज कुरान बनीं
Fri, 10 Mar 2023 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:37 PM IST
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बांदा। सिर्फ 10 और 12 साल की उम्र में दो सगी बहनों ने मात्र एक साल में पूरा कुरान याद (कंठस्थ) कर लिया। दोनों बेटियां कुरान की हाफिज बन गई हैं। ऐसा ही प्रदर्शन करके उनके घर शाबासी देने वालों का सिलसिला जारी है। दोनों बहनें आईएएस बनने की तमन्ना रखती हैं।
शहर के जरेली कोठी निवासी और बुंदेलखंड इंसाफ सेना अध्यक्ष ए एस नोमानी की बेटियां फातिमा नोमानी (10 वर्ष) और सुमय्या नोमानी (12 वर्ष) ने मात्र एक साल के अरसे में कुरान का हिफ्ज पूरा कर लिया है। शुरुआत में वह घर पर ही कुरान सीखती और पढ़ती रहीं। लॉकडाउन के बाद करीब दो वर्ष पूर्व लखनऊ में मदरसा हफ्सा लिलबनात में दाखिला लिया। वहीं कुरान का हिफ़्ज कोर्स पूरा किया। शुक्रवार को यहां दोनों बेटियों को उनके घर पर शाबासी और दुआएं देने वालों का सिलसिला लगा रहा। कम उम्र और कम व.क्त में लगभग 600 पेज का कुरान ( 114 सूरह, 6236 आयत) पूरी तरह याद कर लेने वाली दोनों बहनों को ईनाम भी दिए गए। घर में जश्न जैसा माहौल रहा। मदरसा हथौरा के मौलाना शकील अहमद बांदवी भी रहे।
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शहर के जरेली कोठी निवासी और बुंदेलखंड इंसाफ सेना अध्यक्ष ए एस नोमानी की बेटियां फातिमा नोमानी (10 वर्ष) और सुमय्या नोमानी (12 वर्ष) ने मात्र एक साल के अरसे में कुरान का हिफ्ज पूरा कर लिया है। शुरुआत में वह घर पर ही कुरान सीखती और पढ़ती रहीं। लॉकडाउन के बाद करीब दो वर्ष पूर्व लखनऊ में मदरसा हफ्सा लिलबनात में दाखिला लिया। वहीं कुरान का हिफ़्ज कोर्स पूरा किया। शुक्रवार को यहां दोनों बेटियों को उनके घर पर शाबासी और दुआएं देने वालों का सिलसिला लगा रहा। कम उम्र और कम व.क्त में लगभग 600 पेज का कुरान ( 114 सूरह, 6236 आयत) पूरी तरह याद कर लेने वाली दोनों बहनों को ईनाम भी दिए गए। घर में जश्न जैसा माहौल रहा। मदरसा हथौरा के मौलाना शकील अहमद बांदवी भी रहे।
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